पीएम गतिशक्ति योजना में हेलिपैड डेटा मैपिंग को लेकर केंद्र सख्त, बिहार के सभी जिलों से रिपोर्ट तलब

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना/भागलपुर
प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PM GatiShakti NMP) के तहत देशभर में मौजूद हेलिपैड्स के डेटा मैपिंग को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में बिहार सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों से उनके-अपने जिलों में स्थित हेलिपैड एवं हवाई अड्डों से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के लॉजिस्टिक्स डिवीजन द्वारा 25 जुलाई 2025 को जारी पत्र के आलोक में यह कार्रवाई की गई है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि आपदा प्रबंधन, आपातकालीन राहत, त्वरित निकासी और आधारभूत ढांचे की बेहतर योजना के लिए हेलिपैड्स का डेटा पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म पर मैप किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

पहले भी मांगी गई थी रिपोर्ट, अब तक नहीं मिली जानकारी

बिहार सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा 27 अगस्त 2025 को इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक अधिकांश जिलों से अपेक्षित प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हो सका है। इसे गंभीरता से लेते हुए विभाग के अपर सचिव अखिलेश कुमार सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को स्मार पत्र भेजकर रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि जिलों में स्थित स्थायी अथवा अस्थायी हेलिपैड, हवाई पट्टी अथवा हवाई अड्डों के रनवे से संबंधित अद्यतन जानकारी अनिवार्य रूप से भेजी जाए, ताकि केंद्र सरकार को समेकित डेटा उपलब्ध कराया जा सके।

आपदा प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएगा हेलिपैड डेटा

केंद्र सरकार के अनुसार पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अंतर्गत अब तक 57 मंत्रालयों/विभागों और 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 1700 से अधिक डेटा लेयर्स को प्लेटफॉर्म पर मैप किया जा चुका है। हेलिपैड डेटा के जुड़ने से विशेष रूप से बाढ़, भूकंप और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत व बचाव कार्यों की योजना और अधिक प्रभावी हो सकेगी।

सितंबर 2025 तक पूरा करना था मैपिंग का काम

केंद्र सरकार ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को इस कार्य के लिए नोडल मंत्रालय बनाते हुए निर्देश दिया था कि राज्यों के सहयोग से सितंबर 2025 के अंत तक हेलिपैड डेटा मैपिंग का कार्य पूरा कर लिया जाए। तकनीकी सहयोग के लिए BISAG-N (भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान) की सहायता लेने की भी बात कही गई थी।
अब देखना यह होगा कि बिहार के जिलाधिकारी इस बार कितनी तत्परता से रिपोर्ट भेजते हैं, क्योंकि केंद्र सरकार इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता दे रही है। वहीं भागलपुर में जिला प्रशासन ने इसके लिए भवन प्रमंडल के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर को रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।