न्यूज स्कैन ब्यूरो,अररिया
अररिया के सिकटी के पड़रिया में 18 जून 2024 को 12 करोड़ की लागत से ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से बना पुल धंसने का मामला पूरी तरह शांत भी नहीं हो पाया की एक बार फिर अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह के गांव कौआचार में पांच साल पहले चार करोड़ की लागत से बना पुल का पाया धंस गया।जिससे फारबिसगंज का सिकटी विधानसभा क्षेत्र से संपर्क टूट गया है। पुल के पाया के धंसने के कारण फारबिसगंज,जोगबनी, कुर्साकांटा,सिकटी आदि का संपर्क भंग हो गया है।जिले में पुल निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे है।खासकर ग्रामीण कार्य विभाग के द्वारा किए गए पुल निर्माण को लेकर सवाल सृजित हो रहे हैं। जिले में पुल से जुड़ा डेढ़ साल के भीतर का यह तीसरा मामला सामने आया है। परमान नदी पर बने इस पुल का बीच का पाया सोमवार को अचानक धंस गया, जिससे आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई।
फारबिसगंज विधानसभा को सिकटी विधानसभा से जोड़ने वाला कौआचार भाग में स्थित पुल का बीच के पाया सोमवार दोपहर को धंस गया। पुल का निर्माण 2019 में 3 करोड़ 80 लाख रूपये की लागत से किया गया था। फारबिसगंज विधानसभा के कौआचार में परमान नदी पर स्थित पुल के निर्माण के बाद लोगों के आवागमन का यह प्रमुख मार्ग रहा।चार करोड़ रूपये की लागत से बने पुल के बीच के पाया के धंस जाने के कारण इनके निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगा है।फारबिसगंज और कुर्साकांटा ब्लॉक के बीच स्थित पुल के पाया धंसने के कारण पुल से होकर आवागमन प्रभावित हो गया है।
उल्लेखनीय हो कि इससे पहले सिकटी में बकरा नदी पर 12 करोड़ रूपये की लागत से बना पुल 18 जून 2024 को गिरकर ध्वस्त हो गया था। बकरा नदी पर बने पुल का उद्घाटन होना था, लेकिन उद्घाटन से पहले ही करोड़ों की लागत से बना पुल धड़ाम से गिर गया।उस पुल का निर्माण सिकटी प्रखंड क्षेत्र के पड़रिया घाट पर किया गया था।पुल का तीन पिलर नदी में धंस गया था और पुल गिर गया।वहीं दूसरा मामला रानीगंज प्रखंड में बीच खेत में ही पुल निर्माण किए जाने का मामला काफी सुर्खी बटोरने की साथ सरकार की किरकिरी करा चुकी और एक बार फिर पांच साल के भीतर ही पुनः पुल का पाया का धंस जाना सवाल खड़ा करने लगा है। सबसे मजेदार तथ्य है कि जिले के तीनों पुलों का निर्माण कार्य ग्रामीण कार्य विभाग की ओर से ही कराया गया।
मामले को लेकर ग्रामीण कार्ड विभाग के अभियंता चंद्रशेखर कुमार ने बताया कि पुल के पाया धंसने की जानकारी पहले ही मिल गई थी और 30 अक्टूबर 2025 को ही विभाग को पुल का पाया रखने की जानकारी को लेकर पत्र लिखा गया था। सुरक्षा की दृष्टिकोण से डीएम और एसपी को पत्र लिखकर आवागमन पर रोक लगाने की सिफारिश की गई थी।
सांसद के गांव कौआचार में परमान नदी पर बना चार करोड़ का पुल का पाया धंसा,आवागमन हुआ प्रभावित
































