बिहार में अब तय समय में होगी जमीन की नापी और दाखिल-खारिज, लापरवाही पर नपेंगे अफसर; आम लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
बिहार के आम लोगों के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने एक बड़ी खुशखबरी दी है। जमीन की नापी (E-Maapi), दाखिल-खारिज (Mutation) और परिमार्जन प्लस जैसी सेवाओं के लिए अब समय सीमा (Deadline) निर्धारित कर दी गई है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय के भीतर काम नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। श्री सिन्हा ने कहा, बिना वजह फाइलों को दबाए रखना अब अफसरों को भारी पड़ेगा। हमारा लक्ष्य भूमि विवादों को न्यूनतम स्तर पर लाना और पारदर्शी व्यवस्था बनाना है।

आम आदमी की जेब और समय दोनों की होगी बचत
अक्सर देखा जाता है कि अंचल कार्यालयों (Block Offices) में बिचौलियों और दलालों का बोलबाला रहता है। छोटे से काम के लिए भी आम जनता को दलालों के चक्कर लगाने पड़ते थे और अफसरों व दलालों के ‘नेक्सस’ के कारण फाइलें महीनों दबी रहती थीं। सरकार के नए प्रावधानों से इस भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

प्रमुख बदलाव और समय सीमा:

ई-नापी (Land Measurement): अब जमीन की नापी के लिए आपको महीनों इंतजार नहीं करना होगा। इसके लिए 7 से 14 कार्यदिवस की समय सीमा तय की गई है।

परिमार्जन प्लस: लिपकीय त्रुटियों (Clerical errors) को सुधारने या छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करने के लिए अब 15 से 75 कार्यदिवस का सख्त समय निर्धारित है।

शहरी क्षेत्रों में वंशावली: शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को वंशावली बनवाने में काफी दिक्कत आती थी, अब इसकी जिम्मेदारी सीधे अंचल अधिकारी (CO) को सौंप दी गई है।

फर्जीवाड़ा करने वालों को होगी 7 साल की जेल
भूमि विवाद का सबसे बड़ा कारण जाली दस्तावेज (Fake Documents) हैं। मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति फर्जी कागजात के आधार पर जमीन हड़पने या धोखाधड़ी करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी। ऐसे मामलों में 7 साल की जेल का प्रावधान किया गया है।

भूमि विवादों में आएगी कमी
बिहार में अपराध का एक बड़ा कारण जमीन विवाद होता है। समय पर नापी और दाखिल-खारिज होने से न केवल अदालतों का बोझ कम होगा, बल्कि गांवों और शहरों में होने वाली हिंसक झड़पों में भी कमी आने की उम्मीद है। अब कोई भी अफसर बिना ठोस कारण के आपकी फाइल को रोक नहीं पाएगा।