न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
बिहार में अब अपराधियों के लिए ‘क्राइम करके भाग जाना’ गुजरे जमाने की बात होने वाली है। बिहार पुलिस ने तकनीकी रूप से खुद को इतना आधुनिक कर लिया है कि अब अपराधी चाहे किसी भी राज्य की सीमा पार कर ले, पुलिस की नजर उस पर 24 घंटे बनी रहेगी। इसका जरिया बना है Cri-MAC (Crime Multi Agency Center) पोर्टल। इसे बिहार पुलिस के लिए ‘जादू की छड़ी’ माना जा रहा है, जो जांच की गति को कई गुना बढ़ा देगा।
क्या है Cri-MAC पोर्टल?
Crime Multi Agency Center (Cri-MAC) राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा विकसित एक उच्च स्तरीय वेब पोर्टल है। इसका मुख्य उद्देश्य देशभर की विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों और राज्यों की पुलिस के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक ‘रियल-टाइम’ प्लेटफॉर्म प्रदान करना है।
कैसे काम करती है यह ‘जादुई छड़ी’?
रियल-टाइम सूचना साझा करना: अगर कोई अपराधी बिहार में बड़ी घटना को अंजाम देकर दिल्ली या मुंबई भाग जाता है, तो बिहार पुलिस तुरंत Cri-MAC पर अलर्ट जारी करेगी। देशभर के थानों को यह सूचना सेकंडों में मिल जाएगी।
जीरो एफआईआर का प्रभावी क्रियान्वयन: नए कानूनों के तहत अब ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज करना अनिवार्य है। इस पोर्टल के जरिए जीरो एफआईआर को संबंधित थाने तक डिजिटल तरीके से तुरंत भेजा जा रहा है, जिससे केस दर्ज होने में देरी नहीं होती।
मानव तस्करी और शराब माफिया पर लगाम: बिहार पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती अंतरराज्यीय शराब माफिया और मानव तस्कर हैं। चूंकि ये माफिया दूसरे राज्यों से अपना सिंडिकेट चलाते हैं, Cri-MAC के जरिए अन्य राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इन पर शिकंजा कसना अब आसान हो गया है।
जेल से छूटने पर भी नजर: पोर्टल के जरिए पुलिस को यह भी पता चलता रहेगा कि कौन सा अपराधी कब जेल से छूटा या किस दूसरे अपराध में शामिल हुआ।
सुरक्षा का अभेद्य किला: CCTNS
Cri-MAC पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि यह CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network and Systems) के सुरक्षित नेटवर्क पर चलता है। इसे सार्वजनिक इंटरनेट से एक्सेस नहीं किया जा सकता; केवल प्रमाणित पुलिस अधिकारी ही अपनी आईडी से इसे लॉग-इन कर सकते हैं।
जांच में क्रांति: अब फाइलों का इंतजार नहीं
पहले एक राज्य की पुलिस को दूसरे राज्य से जानकारी जुटाने में हफ्तों लग जाते थे। पत्राचार और कागजी कार्रवाई में अपराधी को भागने का मौका मिल जाता था। लेकिन Cri-MAC ने इस दूरी को खत्म कर दिया है। अब 24×7 डिजिटल कम्युनिकेशन के जरिए बिहार पुलिस देश की किसी भी एजेंसी के साथ सीधे संवाद कर सकती है।


























