बिहार में पंचायत चुनाव 2026 की सरगर्मी तेज, संभावित उम्मीदवारों ने शुरू की तैयारी, हाईकोर्ट ने तय की स्पष्ट समयसीमा, पहली बार मल्टी-पोस्ट EVM से होगा मतदान

मदन, भागलपुर
बिहार में विधानसभा चुनाव की हलचल थमते ही अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2026 की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अगले वर्ष चुनाव कराए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। इसी के साथ गांव-देहात में संभावित प्रत्याशियों की सक्रियता बढ़ गई है। लोग सुबह-शाम मतदाताओं से मुलाकात कर समर्थन जुटाने में लगे हैं। त्योहारी सीजन में घर लौटे परदेशियों तक भी नेतागण पहुंचकर मतदान के लिए आग्रह कर रहे हैं।

गांवों में बढ़ी हलचल, जनसंपर्क में जुटे संभावित प्रत्याशी

हालांकि पंचायत चुनाव में अभी छह महीने से ज्यादा का समय बचा है, पर कई प्रत्याशी अभी से जनसंपर्क अभियान में जुट गए हैं। कहीं बड़े लोगों से आशीर्वाद लेते नेताजी दिखाई दे रहे हैं तो कहीं समर्थकों के साथ गांव की गलियों में घूमकर माहौल बनाने की कोशिश जारी है।
वॉट्सऐप और फेसबुक पर भी संदेशों का दौर तेज हो गया है। कई स्थानीय नेता जनता का मूड भांपने के बाद ही चुनाव लड़ने या न लड़ने का फैसला लेने की तैयारी में हैं।

चुनाव तैयारियों का खाका तैयार, मतदाता सूची में होगा अपडेट

अधिकारिक घोषणा से पहले कई चरणों की तैयारी जरूरी है। दिसंबर–जनवरी से मतदाता सूची के अपडेशन का कार्य शुरू होने की संभावना है। इसके बाद वार्डवार मतदाताओं का विखंडन कर नई सूची तैयार की जाएगी।
प्रत्येक वार्ड में मतदान केंद्र सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन को दी जाएगी। सभी तैयारियों के पूरा होने के बाद ही निर्वाचन प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ेगी।

पहली बार बिहार पंचायत चुनाव में मल्टी-पोस्ट EVM का उपयोग

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव 2026 में पहली बार मल्टी-पोस्ट EVM से मतदान कराने की तैयारी शुरू कर दी है। इस उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) हैदराबाद को 32 हजार से अधिक मल्टी-पोस्ट EVM की खरीद का आदेश दिया गया है।

नई EVM की खासियत

एक कंट्रोल यूनिट और छह बैलेट यूनिट का उपयोग
पंचायत चुनाव के सभी छह पदों—वार्ड सदस्य, मुखिया, पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य—के लिए एक साथ मतदान
नोटा विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। आवश्यकतानुसार दो बैलेट यूनिट तक जोड़ी जा सकेगी।
राज्य सरकार ने चुनाव आयोजन के लिए निर्वाचन आयोग को 208 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध करा दी है। अब तक बिहार में निर्वाचन आयोग एम-3 मॉडल की पुरानी मशीनों का उपयोग करता रहा है, लेकिन 2026 में यह पूरी तरह बदले स्वरूप में होगा।

आरक्षण रोस्टर में बड़े बदलाव की तैयारी

पंचायती राज अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत मुखिया और सरपंच पदों के आरक्षण में हर 10 वर्ष पर बदलाव अनिवार्य है। 2026 के पंचायत चुनाव में यह बदलाव लागू होगा। इसलिए संभावित उम्मीदवारों को अपने-अपने क्षेत्रों में नई आरक्षण स्थिति पर विशेष ध्यान देना होगा, क्योंकि इससे कई पंचायतों में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।

मुखिया चुनाव: प्रत्याशी अभी से ऐसे करें तैयारी

जनसंपर्क मजबूत करें — केवल घोषणा का इंतजार न करें, गांव के मुद्दों पर सक्रियता दिखाएं।
दस्तावेज तैयार रखें — जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्मतिथि प्रमाण पत्र आदि।
खर्च सीमा का पालन — मुखिया पद के लिए खर्च सीमा 1.25 लाख रुपए तय की गई है।
खर्च का पूरा हिसाब व्यवस्थित रखें—चुनाव आयोग मांग सकता है।
नियमों और अधिसूचना में संभावित बदलावों की जानकारी लगातार प्राप्त करें।

हाईकोर्ट का सख्त निर्देश: तय समय में ही होंगे चुनाव

सूत्रों के अनुसार पंचायत–निकाय चुनाव को लेकर पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि—31 दिसंबर 2025 तक परिसीमन प्रक्रिया हर हाल में पूरी की जाए।
15 अप्रैल 2026 तक पंचायत और निकाय चुनाव कराना अनिवार्य है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद सरकार और निर्वाचन आयोग की तैयारी तेज हो गई है। माना जा रहा है कि पंचायत चुनाव अप्रैल–जुलाई 2026 के बीच कराए जा सकते हैं। जल्द ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी होगी।