30 अक्टूबर तक लिया जाएगा डीजल अनुदान के लिए ऑनलाइन आवेदन


सुपौल। जिला स्तरीय कृषि टॉस्क फोर्स की बैठक जिला पदाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, पप्पू कुमार ने बताया कि वर्तमान में 83 प्रतिशत खरीफ फसलों का आच्छादन हुआ है शेष में जूट फसल लगा हुआ है जुट फसल कटने के उपरांत शत प्रतिशत आच्छादन कर ली जायेगी। खरीफ मौसम में कम वर्षा हुई है। खरीफ फसलों के सिंचाई हेतु डीजल अनुदान दिया जा रहा है। 31जुलाई से 30अक्टूबर.2025 तक ऑनलाईन आवेदन की तिथि निर्धारित है। वर्तमान में 95 आवेदन प्राप्त हुआ है। जिला पदाधिकारी, सावन कुमार ने निदेश दिया कि विभागीय निदेश के तहत जांच के बाद आवेदन का स-समय निष्पादन करेंगे।

जिले में उर्वरक कि उपलब्धता के संबंध में बताया गया कि यूरिया 2525 एमटी,डीएपी 2240 एमटी, एम ओ पी 1492 एमटी एवं एन पी के 4982 एमटी उपलब्ध है। उर्वरक कि परिचालन के निगरानी हेतु पंचायत स्तरीय, प्रखंड स्तरीय, अनुमंडल स्तरीय एवं जिला स्तरीय उर्वरक निरीक्षक दल का गठन किया गया है। शतत् निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। जिला पदाधिकारी द्वारा निदेश दिया गया कि सीमावर्ती क्षेत्र के जितने भी उर्वरक प्रतिष्ठान है, उन सभी का विशेष निरीक्षण करेंगे कि कितने मात्रा में उर्वरक प्राप्त हो रही है उनके द्वारा सही कृषकों को उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है कि नहीं।
जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 506 एकड़ में सूक्ष्म सिंचाई का लक्ष्य प्राप्त हुआ है जिसके विरूद्ध 175 कृषकों द्वारा 581.37 एकड़ के लिए ऑनलाईन आवेदन किया गया है। जिसमें 23 कृषकों को 96 एकड़ के लिए कार्यादेश निर्गत किया गया है। शेष आवेदन को जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही नारियल, अंजीर, केला, अमरूद, निम्बू आदि फलदार पौधा वितरण किया जा रहा है।
जिला पदाधिकारी ने निदेश दिया गया कि पुनः विभाग से 500 एकड़ के लिए लक्ष्य की मांग पत्र के माध्यम से करेंगे। ताकि कृषक वंचित न रहे।
जिला पशुपालन पदाधिकारी, के द्वारा बताया गया कि बारिश के मौसम में पशुओं को होने वाले बिमारी के रोकथाम हेतु विभिन्न प्रकार के टीकाकरण किया जा रहा है। जिला पदाधिकारी, द्वारा निदेश दिया गया कि पशु चिकित्सिय वाहन सुचारू रखेंगे।