कोसी तटबंध और स्पर पर बसे लोगों को हटाने से पहले बसाया जाए – कोसी नव निर्माण मंच

  • बिना पुनर्वास के हटाया गया तो होगा सत्याग्रह आंदोलन

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

कोसी पूर्वी तटबंध और स्पर पर बसे सैकड़ों परिवारों को जिला प्रशासन द्वारा हटाए जाने की नोटिस दी गई है। बताया गया है कि तटबंध की चौड़ाई बढ़ाई जानी है, जिसके लिए यह कार्रवाई जरूरी है। लेकिन इस निर्णय का कोशी नव निर्माण मंच ने तीखा विरोध किया है।

को नव निर्माण मंच ने इस संबंध में जिला पदाधिकारी, सुपौल को पत्र भेजकर मांग की है कि इन लोगों को हटाने से पूर्व या तो पुनर्वास की खाली पड़ी जमीनों पर बसाया जाए या फिर सरकारी जमीन पर उचित व्यवस्था की जाए। अन्यथा संगठन उग्र आंदोलन करेगा।

लोग मजबूरी में बसे, ना कि अवैध कब्जा किया

संगठन के अनुसार, ये लोग वही हैं जिनके घर कोशी नदी की बाढ़ और कटाव में पूरी तरह नष्ट हो गए थे। वर्षों से पुनर्वास की बाट जोह रहे ये लोग तटबंध और स्पर पर मजबूरी में झोपड़ियां डालकर बसे हैं। इन्हें या तो पुनर्वास मिला ही नहीं, और अगर मिला भी तो उस जमीन पर अन्य दबंगों ने कब्जा कर लिया, जिसे ये कमजोर और गरीब लोग खाली नहीं करवा सके।

बिना बसाए हटाया गया तो होगा आंदोलन

कोशी नव निर्माण मंच ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन बिना बसाए इन परिवारों को हटाता है तो मंच सत्याग्रह आंदोलन करेगा। आंदोलन के संभावित स्वरूप की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि हम लोग अपने परिवार और सामान के साथ समाहरणालय के समक्ष, मंत्री के आवास पर या नेशनल हाइवे पर सत्याग्रह करेंगे। या फिर जल सत्याग्रह करते हुए कोशी नदी में खुद को समाप्त कर देंगे।

उच्च अधिकारियों को भेजा गया पत्र

इस पत्र की प्रति मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, जल संसाधन मंत्री व सचिव, और ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव को भी भेजी गई है। मंच की ओर से यह पत्र संस्थापक महेंद्र यादव, परिषदीय अध्यक्ष इंद्र नारायण सिंह, और जिला अध्यक्ष आलोक राय ने संयुक्त रूप से भेजा है।

सवाल : ये लोग जाएंगे कहां?

संगठन का कहना है कि यदि सरकार और प्रशासन इन गरीबों को बसाने में विफल रहा, तो इन्हें हटाकर और भी बड़े मानवाधिकार उल्लंघन को अंजाम दिया जाएगा। “इनकी बलिदानी जमीन पर आज दूसरे लोग बसा दिए गए और ये लोग अब भी इधर-उधर भटक रहे हैं, ये ऐतिहासिक अन्याय है।”