कैमूर के तेल्हाड़ कुंड में पार्किंग से बाइक चोरी! वन विभाग पर उठे गंभीर सवाल – टिकट भी लिया, सुरक्षा भी छीनी!

न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर

बिहार के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल तेल्हाड़ कुंड जलप्रपात से पार्किंग में खड़ी एक बाइक की चोरी ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। मामला गंभीर इसलिए है क्योंकि पर्यटक से पार्किंग शुल्क वसूलने के बावजूद वन विभाग बाइक की सुरक्षा देने में विफल रहा। अब यह सवाल उठना लाजिमी है कि जब शुल्क लिया जाता है, तो जिम्मेदारी कौन लेगा?


पूरा मामला

भभुआ निवासी राहुल कुमार अपने परिवार के साथ कैमूर पहाड़ी पर स्थित तेल्हाड़ कुंड घूमने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि प्रवेश शुल्क ₹20 और पार्किंग शुल्क ₹10 का भुगतान कर बाइक पार्किंग में लगाई। जब लौटकर आए तो बाइक गायब थी। वन विभाग कर्मियों से पूछताछ की गई लेकिन किसी के पास कोई जानकारी नहीं थी। थक-हारकर राहुल को भभुआ लौटना पड़ा और उन्होंने अधौरा थाना में मामला दर्ज कराया।

राहुल के दोस्त मोहम्मद सईद अंसारी, जिनकी बाइक चोरी हुई, ने सवाल उठाया कि “जब पार्किंग में बाइक खड़ी थी, तो जिम्मेदारी किसकी बनती है?” उन्होंने वन विभाग पर सीधे सवाल उठाते हुए कहा कि “पैसे लेने में तेज़ी, लेकिन सुरक्षा के नाम पर लापरवाही क्यों?”


बड़ा सवाल – पार्किंग के नाम पर सिर्फ वसूली?

तेल्हाड़ कुंड में हर साल हजारों पर्यटक आते हैं। हर बाइक से ₹10 और चार-चक्का वाहनों से ₹20 से ₹50 तक की वसूली होती है। फिर भी सुरक्षा व्यवस्था नाम की चीज़ नदारद है। यह घटना वन विभाग की लापरवाही और जवाबदेही की कमी को उजागर करती है।


क्या बोले कैमूर डीएफओ?

डीएफओ चंचल प्रकाशम ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा –”पार्किंग से बाइक गायब होना बेहद गंभीर मामला है। संबंधित वनकर्मी से पूछताछ की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।”
लेकिन सवाल ये है कि क्या इससे पहले कभी ऐसे मामलों की रिपोर्ट हुई? और क्या वाकई कार्रवाई होती है या मामला रफा-दफा कर दिया जाता है?