न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर
बिहार में जनसभा को संबोधित करते हुए जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि जनता की जागरूकता और जनसुराज के उभार से घबराकर सरकार फैसले ले रही है, जो वर्षों से ठंडे बस्ते में पड़े थे।
PK ने कहा, “यह लोकतंत्र की जीत है और जनसुराज जैसे आंदोलन की ताकत है कि 20 साल से सोई हुई सरकार को काम करने की याद आ गई।”
“20 वर्षों तक वृद्धों और दिव्यांगों की पेंशन ₹400 से ₹410 नहीं हुई, लेकिन जनसुराज के डर से अब उसे ₹1100 कर दिया गया है।”
उन्होंने डोमिसाइल नीति को लेकर भी सरकार पर कटाक्ष किया और कहा कि वर्षों से छात्र इसके लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन सरकार ने उन्हें अनसुना किया। “अब जब सरकार को लगने लगा है कि जनता विकल्प के पक्ष में मन बना चुकी है, तब जाकर डोमिसाइल लागू किया जा रहा है और मानदेय बढ़ाया जा रहा है।”
PK ने आगे कहा -“जनसुराज तीन साल से कह रहा है कि जिस दिन जनता ने अपने लिए विकल्प बना लिया, उस दिन से सरकार में कोई भी रहे, काम जनता का होगा। इसलिए ज़रूरी है कि बिहार को लालू-नीतीश के पुराने रास्तों से हटाकर एक नया रास्ता दिया जाए।”
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बोलते हुए PK ने कहा –”अगर आप 70 हजार करोड़ का गबन करेंगे, तो पुल क्यों नहीं टूटेगा? बिहार में ₹100 में से ₹60-70 तक की चोरी हो रही है – पुल, सड़क, इंदिरा आवास, नाली-गली – सब भ्रष्टाचार की चपेट में हैं। यही कारण है कि इस भ्रष्ट व्यवस्था का अंत अब तय है।”
उन्होंने कहा कि जब तक बिहार से गरीबी, बेरोजगारी और पलायन खत्म नहीं होगा, तब तक जनसुराज का संघर्ष नहीं रुकेगा। “हम कोई राजनीतिक सीट जीतने नहीं, बल्कि व्यवस्था बदलने निकले हैं। ये शुरुआत है, अभी बहुत कुछ बाकी है।”


























