जमुई में मुखिया की अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, बंगाल-मुंगेर से जुड़े तार, 5 गिरफ्तार

न्यूज स्कैन ब्यूरो, जमुई,

जिले के खैरा प्रखंड स्थित हरखार पंचायत के मुखिया मुन्ना साव के तीन ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी कर एक अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में तैयार और अर्धनिर्मित हथियार, निर्माण उपकरण तथा अन्य सामग्रियां बरामद की गई हैं।

मुखिया मुन्ना साव की तिकड़ी फैक्ट्री से मौत का सामान बरामद

जमुई पुलिस की टीम ने 5 और 6 अगस्त की रात को रोपवेल गांव, गरही बाजार, और कल्याणपुर इलाके में एक साथ कार्रवाई की। मौके पर डीएसपी सतीश सुमन भी मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि मुखिया मुन्ना साव का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है और वह कुख्यात अपराधियों की सूची में शुमार है।

पांच गिरफ्तार, बंगाल और मुंगेर से कनेक्शन

छापेमारी के दौरान 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मो. खुर्शीद आलम और मो. जाहिर निवासी मुंगेर, विश्मिला अली और मो. गाजी अली निवासी कोलकाता, पश्चिम बंगाल, धर्मवीर साव मुन्ना साव का भतीजा (रोपवेल, जमुई) शामिल है।

पुलिस के मुताबिक ये सभी आरोपी हथियार निर्माण में प्रशिक्षित और विशेषज्ञ हैं। गिरफ्तार आरोपियों के बयान के आधार पर पुलिस ने कल्याणपुर के गुड्डू सिंहा के घर पर भी छापेमारी की, जहां से भी बड़ी मात्रा में अवैध हथियार और उपकरण बरामद किए गए।

जमुई बन रहा है ‘नई मिनी गन फैक्ट्री’

डीएसपी सतीश सुमन ने कहा कि यह हथियार गिरोह लंबे समय से सक्रिय है और इनके नेटवर्क की पहुंच पश्चिम बंगाल, मुंगेर, लखीसराय और अन्य जिलों तक है। उन्होंने यह भी कहा कि जमुई में यह दूसरा बड़ा खुलासा है। इससे पहले 2023 में अड़सार गांव में अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई थी।

क्या मिला?

अर्धनिर्मित और तैयार पिस्तौल

हथियार बनाने की मोल्डिंग मशीनें

भारी मात्रा में कच्चा माल और टूल्स

आगे की कार्रवाई

सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस इस गैंग के अन्य सदस्यों और सप्लायर्स की तलाश में जुटी है। एडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि तकनीकी और खुफिया जानकारी के आधार पर छापेमारी की गई और आगे इस नेटवर्क को पूरी तरह नेस्तनाबूद किया जाएगा।