गोपालपुर। नवगछिया के गोपालपुर के पास बिंदटोली, बुद्धूचक कमलाकुंड के लोगों का दर्द गहरा है। वर्ष 2007 के भीषण कटाव में खेतिहर जमीन गंगा लील गई। घर भी नदी में समा गया। जो सम्पन्न थे, उन्होंने दूसरी जगह आशियाना बसा लिया। जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं वे नदी किनारे बांध पर ही कच्चा मकान बनाकर रहने लगे। कटाव को रोकने के लिए वर्ष 2008 में प्रशासन ने रिंग बाध बनाया।
इसी रिंग बांध के किनारे करीब 1600 परिवार रहते हैं। जिंदगी पटरी पर लौट ही रही थी कि प्रशासन ने अब जगह खाली करने का फरमान सुना दिया। जिन्हें सरकारी पर्चा मिला वो रहने चले गए। लेकिन अभी भी करीब 100 से ज्यादा परिवार हैं जिनके पास न खुद की जमीन है और न घर है। बता दें कि 2024 की बाढ़ में गोपालपुर-बिंदटोली बांध का स्पर संख्या 7 व 8 का 150 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। तब मंजर ये था कि रातों रात गोपालपुर की तीन पंचायतों के 44 और इस्माइलपुर प्रखंड के 16 गांवों में पानी घुस गया था। दोनों ही प्रखंडों में 26,453 परिवारों के 1,00,694 लोग प्रभावित हुए थे।
मुखिया के मार्फत विस्थापितों को वास भूमिका पर्चा मिलता है… लेकिन गांव में तो मुखिया ही नहीं
बिंदटोली के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में मुखिया नहीं है। प्रशासन भी उनका दर्द नहीं समझता। मुखिया के मार्फत ही विस्थापितों को वास भूमि का पर्चा मिलता है। नारायण सिंह व अजय कुमार बताते हैं कि कई बार अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाए लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। जमीन खाली कराने के लिए अधिकारी आते हैं, हम उनसे घर नहीं होने की बात बताते हैं तो कहते हैं जगह खाली कर दो बाद में इंतजाम हो जाएगा। अजय कुमार ने कहा अब ये जगह खाली करनी है। जब उनसे पूछा कि अब कहां जाएंगे… तो जवाब मिला कहीं भी झोपड़ी बना लेंगे। प्रमिला देवी का घर बुद्धूचक में था। जहां गांव और खेत था, अब वहां गंगा की धारा है। 25 एकड़ खेती खत्म हो गई। लेकिन सरकार को जमीन की रसीद कटाकर पैसे दे रहे हैं। इस उम्मीद में कि कभी गंगा मैया को रहम आए और जमीन फिर निकल आए।
37 करोड़ से हुई है सीट पाइलिंग
बता दें कि इस्माइलपुर-बिंदटोली तटबंध पर गंगा की तेज धारा टकराती है। इसे देखते हुए सीट पाइलिंग का काम हो हुआ है। यह काम नई तकनीक से हुआ है। जिसमें गंगा की 22 मीटर गहराई में लोहे को पाइलिंग करने के बाद लगाया गया है। ये लोहे की चादर स्पर 7-8 के बीच डाली गई है। इस जगह ही गंगा का बहाव और कटाव तेज रहता है। स्पर 6 में 160 मीटर में 2.50 करोड़ और स्पर 9 में 270 मीटर में 5 करोड़ से मरम्मत हो रहा है।
वहीं मामले को लेकर नवगछिया एसडीएम ऋतुराज प्रताप सिंह ने कहा कि अतिक्रमण ड्राइव चलाई जा रही है, हमारे बांध को सुरक्षित करने के लिए, वहां पर इंटीरोजन काम करवाया जा रहा है, बांध पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लोगों से बोला गया है, वो स्वयं हीं अपना समान हटा ले रहे है कोई भी फोर्स का जरूरत नहीं पड़ा है, सभी अंचलाधिकारी को हमने निर्देशित किया है, बांध के सुरक्षा के लिए अतिक्रमण अभी हटाया जाए, लोगो से निवेदन किया जाए तो लोग अपना समान स्वयं ही हटा रहे है कोई भी अभी तक दिक्कत हुआ नहीं है। बांध पर जो रहे है उनसे यही अपील है कि वो अपना समान स्वयं हटा लें अगर प्रशासन कोई भी मदद चाहिए तो मदद दी जाएगी।

































