ममलखा के चायचक और मसाढू में भीषण गंगा कटाव, ग्रामीणों ने जताया आक्रोश – वोट बहिष्कार की चेतावनी

रविंद्र कुमार शर्मा, भागलपुर

जिले के ममलखा पंचायत अंतर्गत चायचक और मसाड़ु गांवों में गंगा नदी का भीषण कटाव लगातार जारी है, जिससे ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। वर्षों से यह संकट ग्रामीणों पर मंडरा रहा है, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है।

ग्रामीणों ने बताया कि कटाव के चलते कई परिवार बेघर हो चुके हैं। उनके पास अब न तो रहने के लिए सुरक्षित ठिकाना है और न ही चैन की नींद। हर दिन यह डर बना रहता है कि कब उनका घर गंगा में समा जाएगा।

प्रशासन पर गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से केवल कागजी कार्रवाई होती रही है, लेकिन जमीन पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। कई बार गुहार लगाने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

वोट बहिष्कार की चेतावनी


गांववासियों ने सरकार के प्रति आक्रोश व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि जब तक गंगा कटाव से बचाव के लिए ठोस और स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक वे आगामी चुनावों में वोट का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि अब यह केवल स्थानीय समस्या नहीं, बल्कि एक बड़ा मानवीय संकट बन चुका है।

प्रभावित ग्रामीणों की पीड़ा

कटाव पीड़ित गूजो मंडल ने कहा, “रात भर जागते रहते हैं, घर कब नदी में चला जाए, कोई भरोसा नहीं।”
मीना देवी ने बताया, “हमारे बच्चों के पास ना छत है, ना रोटी। सरकार केवल आश्वासन देती है।”


गीता देवी ने कहा, “सालों से कटाव झेल रहे हैं, अब तो उम्मीद भी टूट रही है।”


विकास कुमार, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि ने कहा, “हम कई बार अधिकारियों को सूचित कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।”

सरकार से मांग

ग्रामीणों की मांग है कि सरकार तत्काल इस क्षेत्र का सर्वे कर कटाव रोकने के लिए ठोस योजना बनाए। साथ ही, विस्थापित परिवारों को सुरक्षित आवास और मुआवजा भी प्रदान किया जाए।