बिहुला के मायके में एक माह तक गाये जाएंगे बिहुला गीत

  • 17 और 18 अगस्त को होगा बिहुला विषहरी पूजा समोराह आयोजन

भागलपुर। अंगजनपद सहित बिहार और बंगाल के सभी मनसा विषहरी मंदिर में बिहुला के गीत गाए जाएंगे। इस दौरान सती बिहुला के मायके नवगछिया के विषहरी मंदिर में मंगलवार को नाग पंचमी के पूजा के उपरांत ही बिहुला के गीत गाने की शुरूआत हो गई। बिहुला गीत में ही मनसा विषहरी की पूरी कहानी का सार है बिहुला गीत को भक्तों के द्वारा एक माह तक आस्था और धूप दीप सहित पूरी निष्ठा के साथ मनसा विषहरी मंदिरों में हर सुबह शाम गाये जाते हैं।
नवगछिया बिहुला विषहरी समिति के मुकेश राणा ने बताया कि भगवान के एक स्वरूप बिहुला का जन्म नवगछिया में भगवान शंकर की मानस पुत्री मनसा विषहरी को पृथ्वीलोक पर पूजा दिलाने के लिए हुआ था जो हम नवगछिया वासियों के लिए गर्व की बात है नवगछिया की बेटी बिहुला इस पृथ्वीलोक पर एकमात्र ऐसी सती हुई जिन्होंने अपने सतीत्व के बल पर अपने मृत पति सहित परिवार को स्वर्गलोक जाकर वापस लाई थी उसके बाद से ही पृथ्वीलोक पर नागों की देवी मनसा विषहरी की पूजा पृथ्वीलोक पर घर घर होने लगी। मां बिहुला विषहरी के भक्त विमल किशोर पोद्दार ने बताया कि इस वर्ष विशेष संयोग के साथ विषहरी पूजा का शुभारंभ नागपंचमी के साथ हो रहा है। हमलोग पूरे एक माह से निष्ठा नियम के साथ मां मनसा विषहरी पूजा अर्चना करते है और बिहुला के गीत को गाते है। उन्होंने बताया कि बुधवार को मंदिर में प्रतिमा निर्माण के लिए मेढ़ पूजा की जाएगी।