न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
बिहार सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा नवीकरणीय निवेश सुनिश्चित करते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य में 13 हजार करोड़ रुपये के निवेश से 2120 मेगावाट क्षमता के दो पंप स्टोरेज बिजली घर स्थापित किए जाएंगे, जिससे निर्माण अवधि के दौरान करीब 8 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। यह परियोजना न केवल बिहार की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करेगी, बल्कि देश के नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य 2070 की दिशा में भी अहम कदम साबित होगी।
मंगलवार को विद्युत भवन सभागार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं विजय कुमार सिन्हा, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी की उपस्थिति में बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) और चयनित निजी एजेंसियों के बीच दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष आमिर सुबहानी, ऊर्जा विभाग के सचिव एवं अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक बीएसपीएचसीएल मनोज कुमार सिंह, बीएसपीजीसीएल के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इसे राज्य की अब तक की सबसे बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व में बिहार ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि बीते पांच वर्षों से राज्य में बिजली आपूर्ति निर्बाध रही है और यह परियोजना उद्योगों व आम लोगों को स्वच्छ व सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने निवेशकों से बिहार में निवेश के लिए आगे आने की अपील भी की।
क्या है परियोजना की खासियत
बिहार सरकार द्वारा लागू पंप स्टोरेज नीति-2025 के तहत नवादा जिले में 1200 मेगावाट और 920 मेगावाट क्षमता के दो पंप स्टोरेज बिजली घर बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं में ऑफ-स्ट्रीम और क्लोज्ड-लूप तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे मानसून के समय जल का भंडारण कर बिजली उत्पादन किया जा सकेगा। इस प्रणाली से नदियों के प्राकृतिक प्रवाह पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा और ग्रिड की स्थिरता बनी रहेगी।
इन परियोजनाओं के लिए मेसर्स ग्रीनको एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स सन पेट्रोकेमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड का चयन किया गया है। ग्रीनको एनर्जीज 7800 करोड़ रुपये और सन पेट्रोकेमिकल्स 5200 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। दोनों परियोजनाएं छह वर्षों में पूरी की जाएंगी।
निवेश और रोजगार का बड़ा अवसर
नई सरकार के गठन के बाद यह पहला बड़ा निवेश समझौता है, जिसकी कुल राशि 13 हजार करोड़ रुपये है। परियोजना के निर्माण चरण में लगभग 8 हजार लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को लाभ होगा। परियोजनाओं के पूर्ण होने से बिहार को उच्चतम मांग प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर एकीकरण और ग्रिड स्थिरता की अभूतपूर्व क्षमता प्राप्त होगी, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
पांच महीने में दिखी सरकारी कार्यकुशलता
गौरतलब है कि पंप स्टोरेज परियोजना प्रोत्साहन नीति-2025 के अधिसूचित होने के महज पांच महीनों के भीतर एजेंसी चयन और MoU प्रक्रिया पूरी कर ली गई। यह राज्य सरकार की नीति निर्धारण क्षमता और ऊर्जा विभाग की कार्यकुशलता का सशक्त उदाहरण माना जा रहा है।
नई सरकार की बड़ी उपलब्धि: ऊर्जा क्षेत्र में 13 हजार करोड़ का निवेश, 8 हजार को रोजगार, नवादा में बनेंगे 2120 मेगावाट के दो पंप स्टोरेज बिजली घर, बिहार बनेगा अक्षय ऊर्जा का अग्रणी राज्य
































