टीआरई-4 शिक्षक भर्ती पर संकट: 27 जिलों की रिक्ति नहीं आने से परीक्षा टली, नई तिथि ही नहीं बल्कि विज्ञापित होने वाले पदों की संख्या में भी होगा बदलाव

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
​बिहार में शिक्षक भर्ती (टीआरई-4) के चौथे चरण की प्रक्रिया पर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 27 जिलों ने अभी तक शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी (रिक्ति) शिक्षा विभाग को नहीं भेजी है, जिसके चलते 4 दिसंबर को प्रस्तावित टीआरई-4 की भर्ती अब दिसंबर में नहीं होगी। ​इस विलंब का सीधा असर न केवल भर्ती प्रक्रिया पर पड़ेगा, बल्कि लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के भविष्य पर भी अनिश्चितता का बादल छा गया है।

मुख्य कारण : 27 जिलों की लापरवाही
​शिक्षा विभाग ने सभी 38 जिलों से नए आरक्षण रोस्टर के अनुसार रिक्तियों की मांग की थी। लेकिन 31 जिलों ने पहले गलत रिक्ति भेजी, जिसे विभाग ने वापस कर दिया था। इसके बाद, केवल 7 जिलों (पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर सहित) ने ही सही रोस्टर के साथ रिक्ति भेजी। ​

31 जिलों ने नहीं भेजा सही रोस्टर:
ये जिले पुराने या गलत फॉर्मेट में रिक्ति भेज रहे थे। ​

7 जिलों ने ही सही रिक्ति भेजी:
केवल 7 जिलों की जानकारी ही विभाग के पास सही फॉर्मेट में है।

​27 जिलों ने रिक्ति नहीं भेजी:
शेष जिलों ने विभाग द्वारा बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद भी रिक्तियों की सही जानकारी नहीं भेजी।

भर्ती प्रक्रिया पर इम्पैक्ट
​विलंब और रिक्ति न मिलने से पूरी भर्ती प्रक्रिया पर प्रभाव यह होगा कि परीक्षा तिथि में बदलाव होगा। टीआरई-4 की परीक्षा की घोषणा पहले ही हो चुकी थी। 16 से 19 दिसंबर और 20 से 24 दिसंबर को परीक्षा प्रस्तावित थी, जो अब आगे टलना तय है।
​भर्ती का आकार प्रभावित होगा क्योंकि रिक्ति नहीं मिलने से 27 हजार शिक्षकों की भर्ती खतरे में पड़ सकती है, या फिर भर्ती कम पदों पर होगी। विभाग ने सभी जिलों से रोस्टर क्लीयरेंस के बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की बात कही थी।
​लाखों अभ्यर्थी जो इस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, उनके बीच भ्रम और अनिश्चितता का माहौल बन गया है।

नए आरक्षण रोस्टर की जटिलता
​इस बार की भर्ती में पहली बार डोमिसाइल लागू किया गया है, साथ ही नए आरक्षण रोस्टर का पालन करना है। ​बिहार के निवासियों को 85% सीटें आरक्षित होंगी। सभी जिलों को नए मानक (स्टैंडर्ड) के अनुसार ही रिक्तियों को भेजना है।
बैकलॉग (पिछली भर्ती में खाली रहे आरक्षित पद) की गणना भी नए नियमों के अनुसार करनी है। यह प्रक्रिया जिलों के लिए जटिल साबित हो रही है, जिस कारण विलंब हो रहा है।

विभाग का रुख:
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने जल्द से जल्द रिक्तियां भेजने का निर्देश दिया है और कहा है कि जिलों को एक हफ्ते में रिक्ति भेजनी होगी, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया फिर से शुरू होगी।

आगे क्या हो सकता है?
​विभाग की सख्ती: अब शिक्षा विभाग उन 27 जिलों पर कार्रवाई कर सकता है, जिन्होंने रिक्ति नहीं भेजी है।
​नई तिथि की घोषणा: रिक्ति मिलने के बाद बीपीएससी (BPSC) द्वारा टीआरई-4 के लिए नई परीक्षा तिथियों की घोषणा की जाएगी।
​पदों की संख्या में परिवर्तन: रिक्ति देरी से आने पर कुल विज्ञापित होने वाले पदों की संख्या में बदलाव हो सकता है।