बिहार में गैस संकट से औद्योगिक आपातकाल : पूर्णिया सहित कई जिलों में फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर, रूपेश कुमार सिंह ने उद्योग निदेशक को लिखा पत्र

बिहार में कमर्शियल गैस की भारी किल्लत ने औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। उद्योगों के संचालन के लिए अनिवार्य मानी जाने वाली गैस की आपूर्ति ठप होने से राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है। इस संकट को देखते हुए बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIA) के रीजनल हेड रूपेश कुमार सिंह ने उद्योग निदेशक, बिहार सरकार को एक औपचारिक पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।


न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना/पूर्णिया
रूपेश कुमार सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो उद्योगों के व्यापक स्तर पर बंद होने की समस्त जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।

लोहा और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों पर सबसे बड़ी मार
पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि गैस की अनुपलब्धता के कारण लोहे से संबंधित उद्योगों में कटाई (Cutting) और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी तरह बाधित हो गई हैं। इसके अलावा, बिस्कुट और अन्य खाद्य उद्योगों (Food Processing Units) में, जहाँ हीटिंग के लिए पूरी तरह गैस पर निर्भरता है, वहाँ कई प्लांट बंद पड़े हैं। उत्पादन में आ रही इस बाधा के कारण औद्योगिक इकाइयों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

श्रमिकों का संकट और भोजन की समस्या
इस औद्योगिक संकट का एक मानवीय पहलू भी सामने आया है। रूपेश कुमार सिंह ने बताया कि :
कई औद्योगिक प्लांटों में कर्मचारियों के भोजन के लिए कमर्शियल गैस का उपयोग होता है। आपूर्ति न होने से कैंटीन व्यवस्था ध्वस्त हो गई है।
बाहरी क्षेत्रों से आए श्रमिक भोजन की व्यवस्था न हो पाने के कारण निराश होकर अपने गांवों को लौटने को मजबूर हो रहे हैं।
इससे उद्योगों के सामने आने वाले समय में कुशल श्रमिकों (Labour Crisis) की भारी कमी पैदा हो जाएगी।

50% उत्पादन गिरा, पूर्णिया में स्थिति भयावह
आंकड़ों का हवाला देते हुए रूपेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान में पूर्णिया जिले सहित राज्य के कई क्षेत्रों में उद्योग अपनी कुल क्षमता के मात्र 50% पर ही संचालित हो रहे हैं।
यह गिरावट राज्य के औद्योगिक विकास के लक्ष्यों के लिए एक बड़ा झटका है।

इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए रूपेश कुमार सिंह ने केवल उद्योग निदेशक ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों को भी पत्र की प्रतिलिपि (CC) भेजकर अवगत कराया है। उन्होंने इस पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, पूर्णिया, अनुमंडल पदाधिकारी, पूर्णिया, उप महाप्रबंधक (DGM), BIADA, पूर्णिया क्लस्टर, प्रबंध निदेशक (MD), BIADA, पटना को भी भेजा है।

BIA की प्रमुख मांगें:
कमर्शियल गैस की आपूर्ति को तत्काल प्रभाव से सुचारु और नियमित बनाया जाए।
औद्योगिक क्षेत्रों में गैस वितरण के लिए प्राथमिकता (Priority Based Supply) तय की जाए।
संबंधित विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर इस कमी के मूल कारणों का समाधान करें।