मेहनत का सोना: भागलपुर की बेटी सौम्या झा बनी गोल्ड मेडलिस्ट, सर्जरी और ईएनटी में किया कमाल

  • पहले प्रयास में एमबीबीएस और पीजी में सफलता, परिवार और समाज के लिए प्रेरणा बनकर चमकी सौम्या की उपलब्धि

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
मेहनत, समर्पण और लगन का फल हमेशा मीठा होता है। इसका जीता-जागता उदाहरण हैं सौम्या झा, जिन्होंने जवाहरलाल मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, भागलपुर से एमबीबीएस (सत्र 2018-2024) की पढ़ाई पूरी करने के बाद सर्जरी और ईएनटी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल हासिल किया।
सौम्या के पिता भाल चंद्र झा, दिल्ली में पावर ग्रिड में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। इस उपलब्धि पर परिवार ने गर्व और खुशी व्यक्त की। सौम्या के चाचा गिरिश चंद्र झा भी इस खुशी में शामिल हुए।

उनके चाचा गिरिश चंद्र झा तिलकामांझी हटिया रोड स्थित एक अपार्टमेंट में रहते हैं। इस सम्मान के अवसर पर उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व और खुशी का पल है। छात्रा सौम्या ने एमबीबीएस और पीजी, दोनों में सिर्फ पहले प्रयास में सफलता हासिल की, जो उनके अथक परिश्रम, लगन और लक्ष्य की दिशा में निरंतर प्रयास का परिणाम है। वर्तमान में वह दरभंग मेडिकल कॉलेज से पीजी की पढ़ाई कर रही हैं।
इस विशेष अवसर पर जेएलएनएमसीएच के प्राचार्य अमलेंदु कुमार, पैथोलॉजी हेड डॉ. सत्येंद्र, भाजपा के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार और शैलेन्द्र की उपस्थिति में गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। सौम्या ने कॉलेज से दो-दो गोल्ड मेडल प्राप्त किए हैं, जो उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और समर्पण का प्रमाण हैं।
सौम्या की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। यह साबित करती है कि सपने बड़े हों, मेहनत सच्ची हो और लक्ष्य स्पष्ट हो तो सफलता निश्चित है। चाचा गिरिश चंद्र झा ने बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह पल जीवनभर यादगार रहेगा।