न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
भागलपुर की सांस्कृतिक गलियों में आज उत्सव की हलचल है। कला केंद्र के प्रांगण में तीन दिवसीय 12वें रंग महोत्सव का दीप प्रज्वलन होते ही मानो हर दिल में रंगों की चमक उतर गई। यह महोत्सव 20 दिसंबर से 22 दिसंबर तक रंगमंच, साहित्य और कला प्रेमियों को अद्भुत अनुभवों की सौगात देगा।
उद्घाटन समारोह का दृश्य मानो किसी रंगमंचीय नाट्य दृश्य की तरह था—दीपों की नरम रोशनी में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों के चेहरे पर उत्साह और उमंग झलक रही थी। राजीव कांत मिश्रा, पूर्व महापौर डॉ. वीणा यादव, डॉ. योगेंद्र, एनहुल होंदा, श्रीप्रकाश चौधरी, तरुण घोष, मनीष यादव, अशोक यादव, महबूब आलम, जीवन जागृति समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह, प्रशांत विक्रम, तकी अहमद जावेद, संगीता दास, जयंत जलद, कपिल देव रंग और पंकज कुमार झा ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का शुभारंभ किया।
इस महोत्सव में रंगमंच की जीवंतता केवल बिहार तक सीमित नहीं है। मणिपुर, असम, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश से आए कलाकार मंच पर अपनी भावपूर्ण प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर दर्शकों के समक्ष सांस्कृतिक समरसता का अनुपम दृश्य पेश करेंगे। प्रत्येक प्रस्तुति अपने भीतर एक कहानी, एक भावना और रंगों की भाषा लिए हुए है।
भागलपुर की सांस्कृतिक धरोहर को सशक्त रूप देने में इस महोत्सव ने विशेष भूमिका निभाई। बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष शाह, श्वेता सिंह और प्रीति शेखर की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा और बढ़ा दी। समिति की ओर से विधानसभा अध्यक्ष का अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर स्वागत किया गया, मानो शहर अपनी सांस्कृतिक आत्मा को सम्मान दे रहा हो।
यह महोत्सव केवल एक मंच नहीं है; यह कलाकार और दर्शक के बीच संवाद, रंगों और भावों का मेल है। जब कलाकार अपने अभिनय के रंग बिखेरेंगे, तो हर दर्शक की आंखों में कला की गहराई उतर जाएगी। भागलपुर की गलियों, चौक और कला केंद्र में गूंजते संवाद और रंग आज पूरे शहर को एक जीवंत रंगमंच में बदल रहे हैं। रंग, भाव और कलात्मक ऊर्जा का यह पर्व भागलपुर को राष्ट्रीय रंगमंचीय मानचित्र पर नई पहचान देने के साथ-साथ कला प्रेमियों के हृदय में हमेशा के लिए उतर जाएगा।

































