एलपीजी गैस को डीएम ने की समीक्षा बैठक, कहा-घबराने की जरूरत नहीं, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों और उपभोक्ताओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष में शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक में एलपीजी आपूर्तिकर्ता कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ जिले में गैस आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में इंडियन ऑयल के क्षेत्रीय प्रबंधक रमन गौतम ने जानकारी दी कि भागलपुर जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। सामान्यतः एक दिन का बैकलॉग रहता है, लेकिन फिलहाल तीन दिनों का बैकलॉग चल रहा है। उन्होंने बताया कि आमतौर पर प्रतिदिन करीब 10 हजार सिलेंडर का स्टॉक रहता है, जबकि इस समय 18 से 20 हजार सिलेंडर उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पन्न संकट की खबरों के कारण लोग सुरक्षा की भावना से पैनिक होकर अधिक संख्या में गैस बुकिंग कर रहे हैं। इससे वितरण में अस्थायी दबाव की स्थिति बन रही है, लेकिन जिले में गैस की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य है।
बैठक में एचपीसीएल के वरीय क्षेत्रीय प्रबंधक शाहनवाज अनवर और भारत पेट्रोलियम के क्षेत्रीय प्रबंधक इंद्रनील अग्रवाल ने भी स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी गैस की कोई किल्लत नहीं है। उन्होंने बताया कि कमर्शियल गैस की आपूर्ति फिलहाल ग्राहक सत्यापन के आधार पर की जा रही है। घरेलू गैस आपूर्ति की तुलना में कमर्शियल गैस की आपूर्ति मात्र 2 से 3 प्रतिशत ही होती है।
अधिकारियों ने बताया कि सत्यापित उपभोक्ताओं जैसे पुलिस लाइन, एएनएम, जीविका और टाटा स्टील को कमर्शियल गैस की आपूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है और ऑनलाइन बुकिंग भी जारी है, इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देश दिया कि उन गैस गोदामों की सूची तैयार कराई जाए, जहां उपभोक्ताओं की भीड़ अधिक हो रही है। ऐसे स्थानों पर विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी की तैनाती की जाएगी, ताकि वितरण व्यवस्था सुचारू बनी रहे और किसी प्रकार की अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न न हो।