“प्रदूषण के रोकै खातिर मानो हमरो बात हो, हर बच्चा के नाम से भैया जरूर लगावो गाछ हो”

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

हास्य–व्यंग्य की चर्चित साहित्यिक संस्था ‘बगुला मंच’ की एक साहित्यिक संगोष्ठी वरिष्ठ कवि विनोद कुमार राय के सौजन्य से स्थानीय ईश्वर नगर में आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. प्रेमचंद पाण्डेय ने की, जबकि मंच संचालन मंच सचिव एवं गीतकार धीरज पंडित ने किया। लब्धप्रतिष्ठ कथाकार उमाकांत भारती कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ लोकगायक सह गीतकार संजीव कुमार झा द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। इसके बाद कविता, गीत और ग़ज़लों का सिलसिला देर तक चलता रहा। संजीव कुमार झा ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण की आवश्यकता पर बल देते हुए अंगिका में कहा—“प्रदूषण के रोकै खातिर मानो हमरो बात हो। हर बच्चा के नाम से भैया जरूर लगावो गाछ हो।”
मुख्य अतिथि उमाकांत भारती ने सामाजिक विषमता पर करारा प्रहार करते हुए कहा—“कोठी में ऋतु गीत सुनावै, झोपड़ी रोये रात दिन।”
वहीं सुनील पटेल ने गांवों के तेजी से हो रहे शहरीकरण पर तीखा व्यंग्य प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर युवा कवि अभय कुमार भारती ने अंगिका भाषा में साक्षरता गीत प्रस्तुत कर गांव की लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम संयोजक महेश मणि की पंक्तियां—“जिसने पल बर्बाद किया, कभी न वह आबाद हुआ।”
श्रोताओं को विशेष रूप से प्रभावित कर गईं।
गीतकार धीरज पंडित ने अंगिका में जाड़े के मौसम में आम जनजीवन की परेशानियों को अपनी रचना के माध्यम से व्यक्त किया। अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. प्रेमचंद पाण्डेय की कुंडलियों को श्रोताओं ने खूब सराहा। इसके साथ ही विनोद कुमार राय, वरिष्ठ कवि सोहन मंडल की रचनाओं तथा भानु झा की ग़ज़लों की भी जमकर प्रशंसा हुई।
संगोष्ठी में साहित्य प्रेमियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही और कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।