बिहार की तकनीकी शिक्षा को बड़ा झटका: NBA की लिस्ट से राज्य के सभी 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज बाहर

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
बिहार में तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवालिया निशान लग गया है। नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रिडेशन (NBA) द्वारा जारी मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग संस्थानों की नवीनतम सूची में बिहार का एक भी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज अपनी जगह नहीं बना पाया है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) की इस सूची में देश भर के प्रमुख IIT, NIT और कई प्रतिष्ठित निजी संस्थान शामिल हैं, लेकिन बिहार के संस्थानों की अनुपस्थिति राज्य के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

क्यों नहीं मिली मान्यता?
सबसे बड़ी वजह है बुनियादी ढांचे में संस्थान का पिछड़ापन। विशेषज्ञों और विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य के सभी 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज NBA के कड़े मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं।
प्रमुख बाधाओं में शामिल हैं:
बुनियादी ढांचे की कमी: लैब, आधुनिक लाइब्रेरी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का वैश्विक मानकों के अनुरूप न होना।
फैकल्टी और शोध: शिक्षकों की योग्यता, अनुभव और शोध कार्यों के साथ-साथ छात्र-शिक्षक अनुपात का असंतुलित होना।
प्लेसमेंट: संस्थानों में प्लेसमेंट की बेहतर व्यवस्था और इंडस्ट्री कनेक्ट का अभाव।

छात्रों के भविष्य पर मंडराता संकट
NBA मान्यता न होने का सीधा असर बिहार के छात्रों के करियर पर पड़ेगा :
विदेश में पढ़ाई: NBA मान्यता प्राप्त संस्थान से डिग्री न होने पर छात्र विदेशों के शीर्ष विश्वविद्यालयों में मास्टर्स के लिए नामांकन नहीं ले सकेंगे।
अंतरराष्ट्रीय नौकरियां: वैश्विक स्तर पर कई कंपनियाँ केवल मान्यता प्राप्त संस्थानों के छात्रों को ही प्राथमिकता देती हैं।
शैक्षणिक गुणवत्ता: NBA की मान्यता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उन्नत पाठ्यक्रम की गारंटी मानी जाती है, जिससे बिहार के छात्र वंचित रह सकते हैं।

बिहार के पड़ोसी राज्यों जैसे झारखंड और उत्तर प्रदेश के कई कॉलेज इस सूची में शामिल हैं, जो बिहार के संस्थानों की पिछड़ी स्थिति को और स्पष्ट करता है।
हालांकि, विभाग का कहना है कि आने वाले समय में पाठ्यक्रम में सुधार और बुनियादी ढांचे को विकसित कर NBA मान्यता हासिल करने के प्रयास किए जाएंगे।