– सैकड़ों पेड़ों को मरम्मत के नाम पर किया धराशायी, रिंग बांध के किनारे लगे सैकड़ो की संख्या में पेड़ पौधा को विभाग ने काट कर किया नष्ट
खगड़िया / परबत्ता
खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड के जोरावरपुर पंचायत अंतर्गत नयागांव को बाढ से सुरक्षा प्रदान करने वाले रिंगबांध पर बाढ का खतरा मंडराने लगा है। जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण ईकाई के सुस्त रवैये से नयागांव रिंग बांध का सुदृढ़ीकरण पर ग्रहण लग गया है। बताते चलें कि बीते माह 27 जून को नयागांव रिंग बांध का मरम्मती कार्य प्रारंभ किया गया था। कुछ ही दिनों के बाद गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से पानी का दबाव के साथ फैलाव शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि जल संसाधन विभाग बाढ़ नियंत्रण के द्वारा मरम्मती कार्य करने के दौरान रिंग बांध से सटे सभी पेड़ पौधे को काट दिया गया। जबकि वह सारे पेड़ पौधे अपनी जड़ों से रिंग बांध को मजबूती प्रदान कर रहा था। ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग तथा बाढ नियंत्रण ईकाई पर सीधा आरोप लगाया है कि यदि यह रिंग बांध टूटा है तो सारा जवाबदेही विभाग की होगी। क्योंकि मरम्मती कार्य के दौरान विभाग के द्वारा कई प्रकार की अनियमितता बरती गई है। जिसके कारण रिंग बांध मजबूत होने की बजाय और कमजोर हो गया। समय रहते हुए बांध का मरम्मती कार्य विभाग के द्वारा आरंभ नहीं किया गया।इस बाबत ग्रामीण काफी आक्रोशित है तथा उन्हें डर सता रहा है कि कहीं रिंग बांध टूट गया तो तीन पंचायतों के लाखों त्राहिमाम को विवश हो जायेंगे।
जलस्तर बढ़ने से पानी का दबाव बढ़ा
गंगा का जलस्तर बढ़ने से पानी का दबाव और नये ईलाकों में फैलाव तेजी से हो रहा है । साथ ही नयागांव रिंग बांध पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। इस मरम्मत के दौरान रिंग बांध पर गेबियन ( जियो बेग ) का जो कार्य हुआ था वह पानी में पूर्ण रुप से डूब चुका है। पूर्व जिला परिषद सदस्य शैलेन्द्र कुमार शैलेश ने कहा नयागांव रिंग बांध गोढियासी से लेकर बीरपुर ढाला तक की लंम्बाई लगभग दो किलोमीटर है। समय रहते जलसंसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण ईकाई के द्वारा नयागांव रिंग बांध का सुदृढ़ीकरण नहीं किया गया। जब बरसात एवं बाढ का समय आया तब विभाग की नींद खुली और मरम्मत कार्य शुरू किया गया।
डीएम के निरीक्षण के बाद भी कार्य नहीं
गौरतलब है कि नयागांव रिंग बांध को मरम्मती ने नाम पर सैकड़ो की संख्या में पेड़ को काटकर नष्ट कर दिया गया। साथ कटे हुए पेड़ों को सुरक्षित स्थानों पर न रखकर किनारे में ही छोड़ दिया गया। जिसके कारण वह सारा कटा हुआ पेड़ पानी में समा गया। साथ ही रिंग बांध सुदृढ़ीकरण भी ठीक ढंग से नहीं हो पाया है। जिस कारण आमजन रिंग बांध की दुर्दशा देखकर काफी चिंतित हैं। बता दें कि दो दिन पहले शनिवार की संध्या खगड़िया के जिलाधिकारी नवीन कुमार भी नयागांव रिंग बांध का निरीक्षण किया एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता को आवश्यक निर्देश दिया। बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता राजीव भगत ने कहा कि नयागांव रिंग बांध का सुदृढ़ीकरण कार्य चल रहा है।नयागांव रिंग बांध पर विभाग की पैनी नजर है।
सैकड़ो पेड़ों को काटा, वन विभाग बना मूकदर्शक
नयागांव रिंग बांध सुदृढ़ीकरण में जल संसाधन बाढ़ नियंत्रण विभाग की तरफ से सैकड़ो पेड़ों को काटकर उखाड़ दिया गया।बताते चलें कि यह पेड़ पर्यावरण के साथ-साथ रिंग बांध की सुरक्षा भी प्रदान कर रहा था। जल संसाधन बाढ़ नियंत्रण विभाग के द्वारा इन पेड़ों को बड़े बड़े क्रेन तथा जेसीबी से उखाड़ कर क्षतिग्रस्त कर छोड़ दिया गया। इसी पेड़ को कोई आमजन क्षतिग्रस्त करता तो वन विभाग के तरफ से उनके ऊपर मुकदमा दर्ज होता।आखिर जलसंसाधन बाढ़ नियंत्रण विभाग के उपर वन विभाग की मेहरबानी क्यों। बाढ़ नियंत्रण कार्यपालक अभियंता राजीव भगत की माने तो रिंग बांध के किनारे झाड़ी को साफ किया गया है।जबकि ग्रामीणों की माने तो सैकड़ों की संख्या में पेड़ों को उखाड़ कर किनारे में छोड़ दिया गया। जो आज पानी में समा चुका है।
गंगा की उफनाती लहरों ने बांध को किया था क्षतिग्रस्त
24 सितंबर 2024 की देर रात बंगाल में उठे चक्रवाती तुफान का असर खगड़िया जिले में देखने को मिला था। बाढ की त्रासदी झेल रहे परबत्ता प्रखंड के आधा दर्जन पंचायत के लोग इस चक्रवाती तुफान से रात भर सहम गये थे। रात करीब 1 बजकर 40 मिनट पर इसका असर परबत्ता प्रखंड में देखने को मिला जब गंगा नदी की उफनती लहरों ने तटबंध को काफी नुकसान पहुंचाया। नयागांव रिंग बांध पर अकहा-मथुरापुर, चकप्रयाग-लगार बांध एवं गोगरी – नारायणपुर बांध पर नदी की लहरें बांध से टकराती रही। इस तूफान के दौरान नयागांव रिंग बांध को काफी नुकसान पहुंचा था। कई जगह रिंग बांध में कटाव की स्थित काफी गंभीर हो गई थी।रात में गंगा नदी में ऊंची लहरों को देखकर ऐसा लग रहा था कि रिंग बांध के उपर से गंगा इलाके को बाढ की चपेट में ले लेगी। लेकिन धीरे धीरे हवा की गति कम हुई तो लोगों ने राहत की सांस ली। इस चक्रवर्ती तूफान ने नयागांव रिंग बांध को काफी नुकसान पहुंचाया था।
लाखों लोगों को सुरक्षित रखता है बांध, अधिकारियों के लिए आमदनी का बना जरिया
यह बांध तीन पंचायतों के लाखों लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के साथ साथ अधिकारियों को सलाना अतिरिक्त आमदनी का जरिया बन चुका है।इसके साथ ही नेताओं और उच्च अधिकारियों को उनकी छवि को चमकाने का अवसर प्रदान करता है।इन सबके बीच हर वर्ष बाढ के महीनों के दौरान उक्त रिंगबांध की सुरक्षा घेरा में निवास करने वाले लोगों की सांसे अटकी रहती है।
































