अंधविश्वास के फेर में बर्बरता, 40 से 50 लोगों पर हत्या करने का आरोप
पूर्णिया। पूर्णिया में अंधविश्वास के फेर में ग्रामीणों ने डायन बताकर एक ही परिवार की तीन महिलाओं सहित पांच लोगों को जिंदा जला दिया। जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के रानीपतरा टेटयामा गांव में घटनि एक आदिवासी परिवार के साथ हुई। दिल दहला देने वाली घटना में ग्रामीणों ने 70 वर्षीय विधवा कातो, 50 चोंग बाबूलाल उरांव एवं उनकी 40 वर्षीय पत्नी सीता देवी, 30 वर्षीय मनजीत कुमार व उनकी पली 25 वर्षीय रानी देवी को घर में घुसकर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया।
घटना के बाद गांव के सभी लोग फरार हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कुछ लोगों को बाबूलाल की पत्नी सीता देवी पर डायन होने का शक था। साल के कुछ महीनों में इसी गांव में पांच बच्चों को मौत हुई थी। इसके बाद लोगों को शक हुआ कि सीता देवी ने ही अपने टोटके से सबको मारा है। इसी शक पर ग्रामीणों ने पांच लोगों की हत्या कर दी।
मृतकों में तीन महिलाएं व दो पुरुष शामिल
मृतकों में 70 वर्षीय काली. उनके 50 वर्षीय पुत्र बाबूलाल उरांव, बहू 40 वर्षीय सीता देवी, बाबूलाल का 30 वर्षीय पुत्र मनजीत कुमार व उसकी पानी 25 वर्षीय रानी देवी शामिल है।
मृतक के परिवार वाले झाड़-फूंक करते थे। परिवार की ही एक महिला के डायन होने के शक में गांव के लोगों ने परिवार के पांच लोगों की जलाकर हत्या कर दी है। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पंकज कुमार शर्मा, एसडीपीओ सदर
जिंदा बचे किशोर ने दी वारदात की सूचना
किशोर सोनू ने परिवार के लोगों को मारने में गांववालों की
संलिप्तता बताई है। उसने मुख्य अभियुक्त के नाम भी बताए है, जिनमें से दो को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने गांव के ही नकुल उरांव को हिरासत में लिया। फिर उसकी निशानदेही पर ट्रैक्टर मालिक सन्नाउल्लाह को गिरफ्तार किया। सनाउल्लाह के ट्रैक्टर से हो शवों को गांव के करीब चिसरिया बहियार में फेंका गया था। दोनों से पूछताछ के क्रम में लाश छुपाने वाली जगह पर पुलिस पहुंची।



























