जिले के सभी 40 केंद्रों पर होगी 17 फरवरी से मैट्रिक परीक्षा, 29 हजार परीक्षार्थी होंगे शामिल

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

मैट्रिक परीक्षा सेंटर पर परीक्षार्थियों को आधा घंटा पहले तक प्रवेश मिलेगा। शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त परीक्षा संचालन के लिए जिलाधिकारी ने वरीय पदाधिकारी व केंद्राधीक्षक को दिये कई दिशा निर्देश
17 फरवरी से शुरू हो कर 25 फरवरी मैट्रिक परीक्षा संचालित होगी। परीक्षा की सारी प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गयी है।
परीक्षा संचालन में प्रतिनियुक्त पदाधिकारी और कर्मियों को जिम्मेदारी से कार्य करने का डीएम ने निर्देश दिया है। पहली पाली में परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट पहले 9 बजे तक परीक्षार्थी को प्रवेश अनुमति की अनुमति होगी। इसके बाद आने वाले परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं देने का निर्देश दिया गया है। द्वितीय पाली की परीक्षा प्रारंभ होने के लिए निर्धारित समय 02 बजे से 30 मिनट पूर्व 01:30 बजे तक प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

सुपौल अनुमंडल में छात्र के लिए 12 और छात्राओं के लिए बनाए गए हैं 6 परीक्षा केंद्र :

जिले में अबकी बार कुल 40 केंद्र पर मैट्रिक की परीक्षा आयोजित होगी। छात्र के लिए 23 केंद्र और छात्राओं के लिए 17 केंद्र बनाए गए हैं। सुपौल अनुमंडल में 12 केंद्र छात्र के लिए और 6 केंद्र छात्राओं के लिए बनाए गए हैं। कुल 18 , वीरपुर अनुमंडल में छात्र के लिए 7 और छात्राओं के 4 कुल 11 केंद्र बनाए गए हैं। त्रिवेणीगंज अनुमंडल में छात्र 1 छात्राओं के लिए 5 कुल 6 केंद्र बनाए गए हैं। वहीं निर्मली अनुमंडल में छात्र के लिए 3 और छात्राओं के लिए 2 कुल 5 केंद्रों पर मैट्रिक परीक्षा आयोजित होंगे।

चहारदिवारी कूदने वाले परीक्षार्थी होंगे निष्कासित, होगी प्राथमिकी :

मैट्रिक परीक्षा केंद्र में निर्धारित समय के बाद परीक्षार्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। देर होने के बाद गेट बंद होने के बाद प्रवेश के लिए चहारदिवारी कूदने वाले परीक्षार्थी को अपराध मानते हुए दंडित करने का निर्देश दिया गया है। परीक्षा आयोजन के दौरान परीक्षा केन्द्रों पर कोई परीक्षार्थी यदि प्रवेश के लिए निर्धारित समय पर पहुंचने के कारण गेट पर जबरदस्ती और अवैध रूप से परीक्षा केन्द्र में प्रवेश करने का प्रयास करता है, तो यह प्रयास अपराध की श्रेणी में आएगा। दिशा-निर्देश के मुताबिक यह कदाचाररहित परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने का स्पष्ट प्रयास और अपराधिक कृत्य भी है। इस परिदृश्य में परीक्षा केन्द्र पर यदि निर्धारित प्रवेश के समय के बाद विलंब से आने वाला कोई परीक्षार्थी अवैध रूप से चहारदिवारी से कूदकर या गेट पर प्रवेश करता हुआ पाया जाता है तो ऐसे मामले को अपराध मानते हुए परीक्षार्थी को परीक्षा निष्कासित किया जाएगा। उसके विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी।

विलंब से आने वाले परीक्षार्थी को पर केंद्र में प्रवेश देने पर नपेंगे केंद्राधीक्षक :

तय समय के बाद आने वाले परीक्षार्थी को प्रवेश देने वाले केंद्राधीक्षक पर कार्रवाई का आदेश दिया गया है। देर से आने वाले परीक्षार्थी को केन्द्राधीक्षक द्वारा यदि परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाती है तो केन्द्र और अन्य चिन्हित कर्मी के विरुद्ध निलंबन और प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की करने का आदेश दिया जाएगा। परीक्षा में सम्मिलित होने वाले सभी परीक्षार्थियों के लिए जूता मौजा पहनकर परीक्षा केन्द्र पर प्रवेश करना वर्जित रहेगा। परीक्षार्थी जूता -मौजा की जगह चपल पहनकर परीक्षा में प्रवेश करेंगे। यदि किसी परीक्षार्थी का प्रवेशपत्र गुम हो गया हो या भूल से घर पर छूट गया हो, ऐसी स्थिति में उपस्थिति पत्रक में स्टेण्ड फोटो से उसे पहचान कर और शीट से सत्यापित कर परीक्षा में बैठने की औपबंधिक अनुमति दी जाएगी। बाजार में परीक्षार्थियों को लेकर चहल पहल बढ़ गई है।