शोभानपुर आश्रम में गांधी प्रतिमा विखंडन पर तीखी प्रतिक्रिया, दोषियों पर त्वरित कार्रवाई की मांग

न्यूज स्कैन ब्यूरो, भागलपुर
गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र के सभागार में गुरुवार को शोभानपुर आश्रम स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा को असामाजिक तत्वों द्वारा विखंडित किए जाने के विरोध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गांधी शांति प्रतिष्ठान के संयोजक श्री प्रकाश चंद्र गुप्ता ने की।
बैठक में उपस्थित सभी लोगों ने सर्वसम्मति से 6 फरवरी 2026 को हुई इस घटना की कड़ी निंदा की और प्रशासन से अविलंब दोषियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञात हो कि उक्त गांधी प्रतिमा मुख्यमंत्री द्वारा प्रदत्त थी, जिसे पटना संग्रहालय के अशोक सिन्हा द्वारा उपलब्ध कराया गया था।
“गांधी को बचाना मानवता को बचाना है”
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. योगेंद्र ने कहा कि देश में लगातार घृणा और वैमनस्य का वातावरण निर्मित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया जिस महापुरुष के जन्मदिन को ‘अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ के रूप में मनाती है, उसी गांधी की प्रतिमा का अपने ही देश में इस प्रकार विखंडन होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि गांधी के संबंध में असत्य और भ्रामक ऐतिहासिक तथ्य गढ़े जा रहे हैं। ऐसे समय में गांधी के विचारों और मूल्यों की रक्षा करना मानवता की रक्षा करने के समान है। उन्होंने वैचारिक संघर्ष की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि फैलती घृणा से देश ही नहीं, पूरी दुनिया को गांधी की धारा ही बचा सकती है।
“मूर्ति विखंडन एक वैचारिक साजिश का परिणाम”
लोक समिति के उदय जी ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रतिमा का विखंडन नहीं, बल्कि एक वैचारिक योजना का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यदि सवाल गंभीर है तो कार्यक्रम भी गंभीर होना चाहिए। ग्रामीण समाज को जागरूक कर संगठित प्रतिकार के लिए तैयार करने की आवश्यकता है।
17 फरवरी को शोभानपुर आश्रम में बैठक
बैठक के अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 17 फरवरी 2026 को दोपहर 2 बजे शोभानपुर आश्रम में स्थानीय लोगों के साथ एक विस्तृत बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें गांधी शांति प्रतिष्ठान और अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे।
बैठक में पूर्व कुलपति फारूक अली, प्रो. मनोज कुमार, कमल जयसवाल, रेनू सिंह, वीणा सिंह, प्यारी देवी, डॉ. उमेश प्रसाद नीरज, डॉ. योगेंद्र, सपना पांडे, अलका, मदन कुमार, वासुदेव भाई, लोक समिति के उदय, मोहम्मद तकी अहमद जावेद, शोभानपुर आश्रम के प्रभारी मनोज मीता सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं बुद्धिजीवी उपस्थित थे।
बैठक में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि गांधी के विचारों पर आघात बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और समाज में सद्भाव, अहिंसा एवं संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।