न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर
कैमूर जिले में फाइलेरिया रोग के उन्मूलन को लेकर 10 फरवरी 2026 से सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम (MDA) की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर सिविल सर्जन सभागार में जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मीडिया सहयोगियों के लिए संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. शांति कुमार मांझी ने बताया कि 10 फरवरी से शुरू होने वाले इस अभियान के तहत जिले के सभी लक्षित लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि 11 फरवरी को लोगों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए मेगा एम.डी.ए. कैंप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जीविका कर्मियों एवं उनके परिवारजनों को बूथ लगाकर दवा खिलाई जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी अपने सामने दवा का सेवन कराएंगे, जबकि इसके बाद अगले 14 दिनों तक घर-घर जाकर शेष लाभार्थियों को दवा खिलाई जाएगी। डॉ. मांझी ने कहा कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और उच्च रक्तचाप, शुगर, अर्थराइटिस या अन्य सामान्य बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों को भी ये दवाएं लेनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि दवा सेवन के बाद यदि किसी को मितली, चक्कर या हल्का बुखार महसूस होता है तो यह शुभ संकेत है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि शरीर में मौजूद फाइलेरिया परजीवी दवा के प्रभाव से नष्ट हो रहे हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रत्येक प्रखंड में रैपिड रिस्पांस टीम तैनात रहेगी।
इस अवसर पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. सत्य स्वरूप ने बताया कि जिले के 9 प्रखंडों में कुल 13,01,509 लाभार्थियों को डी.ई.सी. एवं अल्बेंडाजोल की निर्धारित खुराक स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर अपने सामने खिलाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दवाओं का वितरण नहीं किया जाएगा, केवल सेवन कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मोहनिया, दुर्गावती एवं भभुआ शहरी क्षेत्र में यह अभियान नहीं चलाया जाएगा, क्योंकि वहां माइक्रोफाइलेरिया दर एक प्रतिशत से कम पाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि दवाओं का सेवन खाली पेट नहीं करना है। वहीं दो वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और अत्यधिक गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति इस दवा के दायरे से बाहर रहेंगे।
डॉ. सत्य स्वरूप ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि वे अपने समाचार पत्रों और चैनलों के माध्यम से यह संदेश जन-जन तक पहुंचाएं कि प्रत्येक लाभार्थी फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन स्वास्थ्यकर्मियों के सामने अवश्य करें और इस जनहित अभियान में पूर्ण सहयोग दें।
































