दक्षिणी रेलवे ढाला पर फुट ओवर ब्रिज बनाने की मांग जोर पकड़ी

न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल

सुपौल रेल संघर्ष समिति के संयोजक पवन कुमार अग्रवाल ने डीआरएम का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा है कि सुपौल शहर को रेलवे लाइन द्वारा दो भागों में विभाजित किए जाने के कारण पूर्वी छोर के लोगों को मुख्य बाजार और अन्य आवश्यक स्थलों तक पहुंचने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पूर्वी क्षेत्र के चकला निर्मली एवं झकराही सहित आसपास के मोहल्लों के लोगों की वर्षों पुरानी मांग को देखते हुए रेलवे विभाग द्वारा पिछले वर्ष जनवरी माह में मछली बाजार के समीप फुट ओवरब्रिज निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया था, जिसके बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि पुल बनने से आवागमन की समस्या दूर होगी और बाजार तक पहुंचना सुगम हो जाएगा। हालांकि भूमि पूजन के बाद से अब तक निर्माण कार्य की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं होने से लोगों में निराशा और आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन की उदासीनता और ढीले रवैये के कारण यह योजना केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गई है। विशेषकर महिलाओं, छात्राओं और बुजुर्गों को संध्या समय आवागमन में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में छिनतई और असुरक्षा की घटनाएं भी आम होती जा रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने सांसद दिलेश्वर कामैत तथा रेलवे के उच्च अधिकारियों से अविलंब इस दिशा में ठोस पहल करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फुट ओवरब्रिज का निर्माण शीघ्र शुरू होने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी यह अत्यंत आवश्यक है। जनमानस की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए अब सभी की निगाहें रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की आगामी पहल पर टिकी हुई हैं।