न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यालय में शनिवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 का लाइव प्रसारण देखा गया। इस अवसर पर उद्योग, कर, निवेश, शिक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े बजट प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा हुई।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ओ. पी. सिंह, सीए रवि साह, सीए पुनीत चौधरी, सुमित जैन, डॉ. पवन पोद्दार, प्रो. डॉ. देबज्योति मुखर्जी, सिद्धार्थ आलोक, गोविंद अग्रवाल, बदरी प्रसाद छापोलिका, कुंज बिहारी झुनझुनवाला, डॉ. पंकज टंडन, रोहन साह, आलोक अग्रवाल, सौरभ शर्मा, अमर्त्य बंधुल सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति, शिक्षाविद, कर विशेषज्ञ एवं निवेश सलाहकार उपस्थित रहे।

बजट में सभी वर्गों को छूने का प्रयास : गोविंद अग्रवाल
ईस्टर्न बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय बजट में सामान्य रूप से सभी वर्गों को शामिल करने का प्रयास किया गया है। आयकर में पेनाल्टी को शुल्क में परिवर्तित किया जाना करदाताओं के लिए राहतकारी कदम है। पर्यटन क्षेत्र पर विशेष जोर तथा मेगा टेक्सटाइल पार्क की घोषणा स्वागत योग्य है। हाई स्पीड रेल कॉरिडोर से यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।
दूरगामी परिणामों वाला बजट : बदरी प्रसाद छापोलिका
आयकर अधिवक्ता बदरी प्रसाद छापोलिका ने कहा कि यह बजट दूरगामी प्रभाव वाला है। नई डिस्क्लोजर स्कीम और 31 जनवरी तक स्थापित कंपनियों के लाभांश को करमुक्त करने से निवेश के नए अवसर खुलेंगे। यह बजट आर्थिक सुधारों को गति देगा।
विकसित भारत की दिशा में संतुलित बजट : कुंज बिहारी झुनझुनवाला
कार्यसमिति सदस्य कुंज बिहारी झुनझुनवाला ने इसे ‘विकसित भारत के लिए विकासशील बजट’ बताया। उन्होंने कहा कि देश के सभी क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है। हवाई यात्रा के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और कानूनों का सरलीकरण सकारात्मक कदम हैं।
एमएसएमई, शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस : डॉ. पंकज टंडन
शिक्षाविद डॉ. पंकज टंडन ने कहा कि बजट आत्मनिर्भरता, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने पर केंद्रित है। इसके लिए ‘चैम्पियन एमएसएमई निधि’ का गठन किया जा रहा है। रोजगारोन्मुखी शिक्षा, छात्रावास, शिक्षा गुणवत्ता के लिए प्रयोगशालाएं तथा मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना सराहनीय पहल है।
कर सुधार और मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा : रोहन साह
एसोसिएशन के सचिव रोहन साह ने कहा कि वित्त मंत्री ने देश की विकास यात्रा और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ बजट प्रस्तुत किया। नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल से लागू होगा। विदेशियों, छोटे करदाताओं और टेक्नोलॉजी सेक्टर को राहत दी गई है। भारत को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने और टियर-2 व टियर-3 शहरों के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। ₹10,000 करोड़ का एमएसएमई ग्रोथ फंड और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बूस्टर पैकेज अहम घोषणाएं हैं।
निवेश और बाजार पर मिश्रित असर : सिद्धार्थ आलोक
निवेश सलाहकार सिद्धार्थ आलोक ने कहा कि बजट 2026 ने स्थिरता बनाए रखते हुए भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर जोर दिया है। छोटे निवेशकों के लिए बायबैक टैक्स को कैपिटल गेन में बदलना राहत है। हालांकि STT में वृद्धि और LTCG में बदलाव न होने से अल्पकाल में बाजार की धारणा प्रभावित हो सकती है।
औद्योगिक गति बढ़ाने वाला बजट, लेकिन युवाओं पर कमी : प्रो. डॉ. देबज्योति मुखर्जी
कार्यसमिति सदस्य प्रो. डॉ. देबज्योति मुखर्जी ने कहा कि बजट औद्योगिक ढांचे को मजबूत करता है, लेकिन महिलाओं, किसानों और युवाओं पर अपेक्षाकृत कम ध्यान दिया गया है। जलमार्ग विकास स्वागत योग्य है, पर जैव विविधता पर इसके प्रभाव का ध्यान जरूरी है।
वैश्विक व्यापार में भारत की स्थिति मजबूत होगी : डॉ. पवन पोद्दार
पूर्व कुलपति डॉ. पवन पोद्दार ने कहा कि बजट में विकसित भारत की झलक स्पष्ट है। जल परिवहन, विदेशी निवेश नीति, सीमा शुल्क सुधार और रेयर अर्थ मिनरल से जुड़े प्रावधान भारत को वैश्विक बाजार में मजबूत बनाएंगे। शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने और विश्वविद्यालय टाउनशिप योजना से शोध को बढ़ावा मिलेगा।
एमएसएमई और स्टार्टअप्स को मजबूती : आलोक अग्रवाल
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026 एमएसएमई और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाने वाला है। ₹10,000 करोड़ का एमएसएमई ग्रोथ फंड छोटे उद्योगों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। हालांकि बिहार और भागलपुर को कोई विशेष पैकेज न मिलने से स्थानीय स्तर पर निराशा है, लेकिन राष्ट्रीय योजनाओं से दीर्घकालिक लाभ की उम्मीद है।

































