न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
बिहार सरकार के परिवहन विभाग एवं बिहार राज्य सड़क सुरक्षा परिषद, पटना के निर्देशानुसार संचालित सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत सुपौल जिला प्रशासन द्वारा बच्चों एवं किशोर वर्ग में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।इसी क्रम में जिलाधिकारी के निर्देश पर 29 जनवरी 2026 को आरएसएम पब्लिक स्कूल, सुपौल में छात्र–छात्राओं के बीच सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम सह प्री-हॉस्पिटल एवं सीपीआर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना तथा उन्हें सुरक्षित व्यवहार अपनाने हेतु प्रेरित करना है, जिससे वे स्वयं सुरक्षित रहें एवं अपने परिवार तथा समाज में भी जागरूकता का संदेश प्रसारित कर सकें।
बच्चों को दी जाएगी सड़क सुरक्षा की व्यवहारिक जानकारी
कार्यक्रम के दौरान छात्र–छात्राओं को सरल एवं व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। इसमें मुख्य रूप से—
सड़क पार करते समय ज़ेब्रा क्रॉसिंग का प्रयोग,ट्रैफिक सिग्नल एवं संकेतकों का महत्व,
हेलमेट एवं सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग,वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने,ओवरस्पीडिंग के दुष्परिणाम,नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी प्रदान की जाएगी।
आपात स्थिति में जीवन रक्षक प्रशिक्षण
कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र–छात्राओं को प्री-हॉस्पिटल केयर एवं सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि सड़क दुर्घटना या किसी आकस्मिक घटना की स्थिति में घायल व्यक्ति को प्राथमिक सहायता किस प्रकार दी जा सकती है तथा एम्बुलेंस आने तक जीवन रक्षक कदम कैसे उठाए जा सकते हैं।
इस प्रशिक्षण से बच्चों में न केवल जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि आपदा की स्थिति में मानवीय संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित होने की संभावना है।
बच्चे बनेंगे सड़क सुरक्षा के संदेशवाहक
जिला प्रशासन का मानना है कि बच्चे समाज के सबसे प्रभावी संदेशवाहक होते हैं। यदि उन्हें कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा का महत्व समझाया जाए, तो वे अपने माता-पिता, अभिभावकों एवं आसपास के लोगों को भी सुरक्षित यातायात व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
इसी उद्देश्य से विद्यालय स्तर पर सड़क सुरक्षा कार्यक्रमों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
जिला प्रशासन का संदेश
जिला प्रशासन द्वारा यह संदेश दिया गया कि—
“आज का जागरूक बच्चा ही कल का जिम्मेदार नागरिक बनेगा।”
सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा से जुड़ा विषय है, जिसे सामाजिक आंदोलन के रूप में अपनाना आवश्यक है।
कार्यक्रम में जिला परिवहन कार्यालय, शिक्षा विभाग, रेडक्रॉस सोसायटी एवं विद्यालय प्रबंधन की सक्रिय सहभागिता रहेगी।
































