बिहार कांग्रेस में ‘महामंथन’ : खरगे की सख्त चेतावनी के बीच राजद से तलाक लेने की उठी मांग

न्यूज स्कैन ब्यूरो, नई दिल्ली/पटना
बिहार कांग्रेस में टूट और विधायकों के पाला बदलने की तमाम अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में बिहार के सभी 6 विधायक शामिल हुए। इस बैठक ने न केवल पार्टी की एकजुटता दिखाई, बल्कि बिहार की भावी राजनीति को लेकर कई बड़े संकेत भी दिए हैं।

अनुशासन पर ‘सुप्रीम’ निर्देश: “राहुल गांधी भी दायरे से बाहर नहीं”
बैठक में सबसे कड़ा रुख पार्टी अनुशासन को लेकर दिखा। सूत्रों के मुताबिक, खरगे ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी की छवि से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, “पार्टी लाइन से हटकर सोशल मीडिया या सार्वजनिक मंचों पर बयानबाजी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। नियम सबके लिए बराबर हैं… अगर राहुल गांधी भी अनुशासन तोड़ते हैं, तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।”

RJD से ‘तलाक’ की तैयारी? विधायकों ने खोला मोर्चा
बैठक का सबसे चौंकाने वाला पहलू राजद (RJD) के साथ गठबंधन पर विधायकों की राय रही। बिहार के विधायकों ने एक सुर में राजद के साथ गठबंधन को पार्टी के लिए नुकसानदेह बताया।
विधायकों का तर्क: राजद के साथ चुनाव लड़ने से कांग्रेस की साख गिरी है और सीटों की संख्या में भी कमी आई है।
इस मुद्दे पर मतभेद भी दिखा। जहाँ विधायक ‘एकला चलो’ की रणनीति के पक्ष में दिखे, वहीं प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने राजद के साथ गठबंधन को बिहार की जरूरत और फायदेमंद बताया।

कौन बनेगा बिहार में कांग्रेस का ‘कैप्टन’?
बिहार विधानसभा में विधायक दल के नेता के चयन पर भी गहन चर्चा हुई। फिलहाल दो प्रमुख नाम रेस में सबसे आगे चल रहे हैं। यहां हम दावेदारों की खासियत की बात करेंगे।
अबीदुर रहमान तीन बार विधायक रहे हैं। अनुभवी हैं और मुस्लिम वोट बैंक पर पकड़ और लंबा राजनीतिक अनुभव उनके साथ है।
अभिषेक रंजन पार्टी में युवा चेहरा हैं। वे पहली बार विधायक बने हैं। ऊर्जावान हैं और युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की पार्टी की नई सोच है।
फिलहाल गेंद आलाकमान के पाले में है और जल्द ही नए नेता के नाम पर मुहर लग सकती है।