एमडीए अभियान की सफलता को लेकर जिला स्तरीय टीओटी बैठक आयोजित: समय सीमा में माइक्रो प्लान, सुपरविजन प्लान व रैपिड रिस्पॉन्स टीम गठित करने का निर्देश

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
फाइलेरिया उन्मूलन के लिए चलाए जाने वाले मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से सोमवार को समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में जिला स्तरीय ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) बैठक का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी (डीवीबीडीसीओ) डॉ. दीनानाथ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि एमडीए अभियान से पूर्व निर्धारित समय सीमा के भीतर माइक्रो प्लान, सुपरविजन प्लान जिला को उपलब्ध कराया जाए तथा सभी प्रखंडों में रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) का गठन अनिवार्य रूप से किया जाए।
उन्होंने कहा कि एमडीए अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया (एडवर्स ड्रग रिएक्शन) से निपटने के लिए प्रखंड स्तर पर गठित आरआरटी का पूरा विवरण और संपर्क नंबर आशा कार्यकर्ताओं को उपलब्ध कराया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
डॉ. दीनानाथ ने स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान शत-प्रतिशत फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन सुनिश्चित कराना लक्ष्य है, केवल दवाओं का वितरण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा।
ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर व सुपरवाइजर का बेहतर प्रशिक्षण जरूरी : डॉ. अनुज सिंह रावत
बैठक को संबोधित करते हुए फाइलेरिया के राज्य सलाहकार डॉ. अनुज सिंह रावत ने कहा कि एमडीए अभियान की सफलता ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर और सुपरवाइजर के प्रभावी प्रशिक्षण पर निर्भर करती है। उन्होंने बताया कि प्रखंड स्तर पर ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में कार्य करने वाली आशा कार्यकर्ता एवं वॉलेंटियर तथा ड्रग सुपरवाइजर के रूप में कार्य करने वाली आशा फैसिलिटेटर को प्रशिक्षण के दौरान फैमिली रजिस्टर अपडेट करना, माइक्रो प्लान तैयार करना, दवा सेवन के महत्व, दवा नहीं खाने से होने वाले दुष्परिणाम तथा एडवर्स ड्रग रिएक्शन से निपटने की रणनीति की विस्तृत जानकारी दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नाइट ब्लड सर्वे में जिन क्षेत्रों में माइक्रो फाइलेरिया पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं, वहां उनके घरों के आसपास सघन रूप से दवा सेवन कराकर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना आवश्यक है। बेहतर कवरेज के लिए प्रतिदिन प्रखंड स्तर पर इवनिंग ब्रीफिंग कर रिपोर्टिंग एवं आगे की रणनीति तैयार करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से दिया गया प्रशिक्षण
इस अवसर पर डब्ल्यूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. आशीष टीगा तथा पिरामल स्वास्थ्य के पीएलसीडी विजय कुमार ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से एमडीए माइक्रो प्लान, स्पेशल प्लान, सुपरविजन प्लान, एडवर्स ड्रग रिएक्शन प्रबंधन, मैनुअल एवं आईएचआईपी पोर्टल पर रिपोर्टिंग के प्रारूप की विस्तृत जानकारी स्वास्थ्य कर्मियों को दी।
मौके पर उपस्थित एसीएमओ सह डीआईओ डॉ. धनंजय कुमार ने रूटीन इम्यूनाइजेशन के लक्ष्य एवं कवरेज उपलब्धि को लेकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ विस्तार से चर्चा की।
ये रहे उपस्थित अधिकारी व प्रतिनिधि
बैठक में वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी आरती कुमारी, कृति कुमारी, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक (डीसीएम) भरत सिंह, जिला शहरी स्वास्थ्य सलाहकार दयानंद मिश्रा, सभी प्रखंडों से आए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआईसी), प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक (बीएचएम), बीसीएम, डाटा एंट्री ऑपरेटर, शहरी स्वास्थ्य केंद्र भागलपुर के मेडिकल ऑफिसर, सीफार के सीनियर प्रोजेक्ट एसोसिएट जय प्रकाश कुमार, आईएडी भागलपुर के आशीष कुमार सहित जिला फाइलेरिया कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।