अब CTET में बजेगा ‘मैथिली’ का डंका! NCTE ने प्रस्ताव किया पास, दरभंगा सांसद ने दी बड़ी खुशखबरी

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पटना
मिथिलांचल के लाखों युवाओं के लिए एक लंबे इंतजार के बाद बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। दरभंगा से भाजपा सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी है कि मैथिली भाषा को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) में शामिल करने की प्रक्रिया अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच गई है।

NCTE की बैठक में प्रस्ताव पर लगी मुहर सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने बताया कि नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) की हालिया बैठक में मैथिली को CTET में शामिल करने का प्रस्ताव पास कर दिया गया है। सांसद ने इस संबंध में NCTE की चेयरपर्सन पंकज अरोड़ा से टेलीफोन पर वार्ता की, जिसमें चेयरपर्सन ने प्रस्ताव पारित होने की पुष्टि की है। इस फैसले के बाद अब मैथिली भाषी अभ्यर्थियों के लिए केंद्रीय स्तर पर शिक्षक बनने की राह आसान हो जाएगी।

PM मोदी और शिक्षा मंत्री का जताया आभार

सांसद ने इस उपलब्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सहयोग को दिया है। उन्होंने कहा कि 2024 से वे लगातार सदन से लेकर मंत्रालय तक इस मांग को उठा रहे थे। सांसद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि यह प्रयास अब सफल होता दिख रहा है, जिससे मिथिला के लाखों युवाओं के भविष्य को एक नई दिशा मिलेगी।

विशेषज्ञ समिति कर रही है काम

केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी की ओर से मिले पत्र का हवाला देते हुए सांसद ने बताया कि मैथिली को CTET में विधिवत शामिल करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति (Expert Committee) का गठन किया गया है। यह समिति पाठ्यक्रम और परीक्षा की रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है।

मिथिलांचल में खुशी की लहर

बिहार के दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर समेत पूरे मिथिलांचल में इस खबर के बाद खुशी का माहौल है। जानकारों का मानना है कि इस फैसले से न केवल मैथिली भाषा का सम्मान बढ़ेगा, बल्कि उन हजारों छात्रों को लाभ होगा जो अपनी मातृभाषा में परीक्षा देकर शिक्षक बनने का सपना देख रहे थे।