न्यूज स्कैन ब्यूरो, पूर्णिया
बिहार के पूर्णिया जिले में चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘सोसाइटी ऑफ फीटल मेडिसिन’ (SFM) के बिहार चैप्टर द्वारा आयोजित इस CME (कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन) कार्यक्रम में गर्भ में पल रहे शिशुओं के स्वास्थ्य और उनकी जटिलताओं को आधुनिक तकनीकों के जरिए समझने पर गहन चर्चा हुई।
राष्ट्रीय विशेषज्ञों का रहा जमावड़ा
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में दिल्ली के सुप्रसिद्ध फीटल मेडिसिन विशेषज्ञ और ‘सोसाइटी ऑफ फीटल मेडिसिन’ के नेशनल प्रेसिडेंट डॉ. कृष्ण गोपाल विशेष रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने गर्भस्थ शिशु की उच्च स्तरीय जांच और आधुनिक डायग्नोस्टिक्स के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रख्यात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बीरेन्द्र हरि सरस्वती और डॉ. मुकेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया।
आधुनिक तकनीकों पर हुई चर्चा
CME के दौरान जाने-माने रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ऐश्वर्या सिंह, डॉ. अलका पंवार, डॉ. मनीष जायसवाल और फीटल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. भव्या ने अपने शोध और अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक जांच के जरिए गर्भ में ही बच्चे की बीमारियों या किसी भी शारीरिक असामान्यता का पता लगाकर समय रहते उचित कदम उठाए जा सकते हैं।

सीमांचल और कोसी क्षेत्र के डॉक्टरों की भागीदारी
इस महत्वपूर्ण चिकित्सा सत्र में पूर्णिया सहित सीमांचल और कोसी के कई जिलों के डॉक्टरों ने हिस्सा लिया। Gynecologists डॉ. विभा झा, डॉ. रेणुका सिंह, डॉ. अंजू करण, डॉ. शिप्रा सिंह, डॉ. पूनम प्रभा, डॉ. आरती सिन्हा और डॉ. अनुराधा सिन्हा समेत शहर के लगभग सभी प्रमुख डॉक्टर उपस्थित थे। इसके अलावा, इस सम्मेलन में पटना, किशनगंज, बेगूसराय, दरभंगा, कटिहार और पूर्णिया से बड़ी संख्या में रेडियोलॉजिस्ट और फीटल मेडिसिन विशेषज्ञ भी शामिल हुए, जिससे यह आयोजन पूरे प्रदेश के चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ा मंच साबित हुआ।



























