न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
नारी शिक्षा की अग्रदूत एवं भारत की पहली महिला शिक्षिका क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती के अवसर पर एक्शन एड और जनप्रिय भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में परबत्ती स्थित जनप्रिय कार्यालय में श्रद्धा एवं विचार विमर्श के साथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर जनप्रिय की प्रतिनिधि साधना देवी ने सावित्रीबाई फुले के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे दौर में लड़कियों की शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज में स्त्री शिक्षा को स्वीकार नहीं किया जाता था। स्कूल जाते समय उन पर कीचड़, पत्थर और गोबर तक फेंके गए, लेकिन तमाम सामाजिक विरोधों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। साधना देवी ने सावित्रीबाई फुले के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा— “मैं शिक्षा का दीप जलाने निकली हूँ, आँधी से डरकर लौटने वाली नहीं।” यह कथन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
एक्शन एड के प्रतिनिधि गौतम कुमार ने कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब सावित्रीबाई फुले का शिक्षा संबंधी सपना साकार हो। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी देश में करोड़ों लड़कियां शिक्षा से वंचित हैं और रूढ़िवादी परंपराओं के बोझ तले दबकर अपना भविष्य संवार नहीं पा रही हैं।
उन्होंने देश में लागू दोहरी शिक्षा नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था समावेशी विकास में बाधा बनती है और सामाजिक व शैक्षिक न्याय की भावना को कमजोर करती है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने सावित्रीबाई फुले के विचारों को वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में और अधिक प्रासंगिक बताया तथा नारी शिक्षा को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर साधना देवी, सुजाता कुमारी, रागिनी कुमारी, सोनाक्षी कुमारी, रुचिका कुमारी, गौतम कुमार, राजू मंडल, अनिक महलदार, खुशी कुमारी, श्रवण सहनी सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
भागलपुर में सावित्रीबाई फुले की जयंती पर नारी शिक्षा पर संवाद
































