किशनगंज में NIA की कार्रवाई,फुलवारी शरीफ PFI मामले में दो संदिग्धों को हिरासत में लिया, एक को छोड़ा

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, किशनगंज

NIA ने शुक्रवार को बिहार के किशनगंज जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए फुलवारी शरीफ आतंक साजिश मामले से जुड़े दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया। दोनों को टाउन थाने में लाकर कई घंटों तक पूछताछ की गई। सूत्रों के अनुसार, इन दोनों को पहले NIA ने नोटिस जारी किया था, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।

हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की पहचान उत्तर पल्ली निवासी महफूज आलम और आफताब के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि महफूज आलम प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का सक्रिय सदस्य है। पूछताछ के बाद आफताब को छोड़ दिया गया, जबकि महफूज आलम से पूछताछ अभी भी जारी है। NIA की टीम मामले में किसी भी तरह की जानकारी देने से इनकार कर रही है।

गौरतलब है कि यह कार्रवाई 2022 के फुलवारी शरीफ मामले से जुड़ी है, जिसमें PFI के सदस्यों पर देश विरोधी गतिविधियों, आतंकी ट्रेनिंग कैंप चलाने और ‘इंडिया 2047’ जैसे दस्तावेज के जरिए इस्लामिक शासन स्थापित करने की साजिश रचने के आरोप हैं। इस मामले में NIA ने अब तक कई गिरफ्तारियां की हैं। हाल ही में सितंबर 2025 में PFI के बिहार प्रदेश अध्यक्ष महबूब आलम नदवी को भी किशनगंज से ही गिरफ्तार किया गया था। उससे पहले भी किशनगंज और सीमांचल क्षेत्र में PFI से जुड़े कई संदिग्धों पर NIA की नजर थी।

सूत्र बताते हैं कि NIA की यह कार्रवाई फुलवारी शरीफ मॉड्यूल को पूरी तरह खत्म करने और PFI के अवशेषों को नेस्तनाबूद करने की दिशा में है। किशनगंज सीमांचल का हिस्सा होने के कारण नेपाल बॉर्डर से सटे होने और संवेदनशील क्षेत्र होने से यहां जांच एजेंसियां सक्रिय रहती हैं। PFI पर 2022 में केंद्र सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके बाद से NIA लगातार इसके नेटवर्क पर छापेमारी और गिरफ्तारियां कर रही है।

स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। NIA की टीम ने थाने में पूछताछ के दौरान कड़े सुरक्षा इंतजाम रखे। हालांकि आधिकारिक तौर पर NIA ने इस कार्रवाई पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

फुलवारी शरीफ मामला बिहार में PFI की गतिविधियों का बड़ा खुलासा था, जिसमें हथियार ट्रेनिंग, फंडिंग और राष्ट्रविरोधी प्रोपगैंडा के आरोप लगे थे। इस मामले में अब तक 19 से अधिक आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। NIA की यह ताजा कार्रवाई दर्शाती है कि जांच अभी भी जारी है और PFI के छिपे सदस्यों पर शिकंजा कसता जा रहा है।