- बरारी में बिजली विभाग की दबंगई: रिश्वत नहीं देने पर रेड, मारपीट और झूठे केस की धमकी
मदन, भागलपुर
बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मियों पर 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने, झूठी रेड दिखाने, लाइन काटने, गाली-गलौज और गर्भवती महिला के साथ मारपीट का गंभीर आरोप लगा है। इस सनसनीखेज मामले में बरारी थाना में लिखित शिकायत दी गई है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
बरारी थाना क्षेत्र के पुरानी ड्योढ़ी निवासी अधिवक्ता कृष्ण कुमार ने थानाध्यक्ष को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि दिनांक 14 दिसंबर 2025 को उनके घर का बिजली तार टूट गया था। तार जुड़वाने के लिए उन्होंने बिजली विभाग में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत संख्या के आधार पर 15 दिसंबर को दोपहर करीब 2:30 बजे परमेश्वर सिंह (फील्ड स्टाफ, तिलकामांझी) और एक अन्य व्यक्ति उनके घर पहुंचे।
आरोप है कि तार ठीक करने के बजाय दोनों कर्मी मीटर की जांच करने लगे। जब इसका विरोध किया गया तो कहा गया कि “मिस्त्री पीछे आ रहे हैं।” इसके कुछ देर बाद मिथिलेश कुमार (जूनियर इंजीनियर, तिलकामांझी) के साथ कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और खुद को “रेड टीम” बताते हुए डराने-धमकाने लगे।
50 हजार दो, नहीं तो रेड और झूठा केस!

पीड़ित के अनुसार, जेई मिथिलेश कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि अगर रेड नहीं चाहते हो तो 50,000 रुपये देने होंगे। जब परिवार ने कहा कि वे बिजली चोरी नहीं करते और रेड से डर नहीं है, तो आरोप है कि अधिकारियों ने जबरन तारों से छेड़छाड़ शुरू कर दी और छत पर चढ़कर वीडियो बनाने लगे। विरोध करने पर दो लाख रुपये वसूलने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई।
गर्भवती महिला को दिया धक्का, हालत बिगड़ी
मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि गाली-गलौज से मना करने पर जेई मिथिलेश कुमार ने पीड़ित की गर्भवती भाभी को गुस्से में धक्का दे दिया, जिससे वे गिर पड़ीं और उनके पेट में तेज दर्द शुरू हो गया। महिला की हालत बिगड़ते देख आरोपी घबरा गए और बाहर जाकर घर की बिजली लाइन काट दी।
स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस के पहुंचने के बाद बिजली विभाग के लोग वहां से निकल गए, लेकिन जाते-जाते जेई मिथिलेश कुमार ने खुलेआम धमकी दी कि “50 हजार तो मैं वसूल कर ही लूंगा।”
कानूनी कार्रवाई की मांग
पीड़ित अधिवक्ता ने इस पूरे मामले को सरकारी पद का दुरुपयोग, अवैध वसूली, मारपीट और धमकी करार देते हुए सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
यह घटना न सिर्फ बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ाती है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करती है।

































