- भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक और उपलब्धि
न्यूज स्कैन ब्यूरो,नई दिल्ली
यूनेस्को के 43वें आम सम्मेलन, जो 30 अक्टूबर से 13 नवंबर 2025 तक उज्बेकिस्तान के समरकंद में आयोजित हुआ, उसमें भारत के लिए गर्व का अवसर बना। सम्मेलन के दौरान यूनेस्को सांख्यिकी संस्थान (UIS) के शासी बोर्ड के लिए पाँच नए सदस्यों का चुनाव किया गया। इसमें भारत से पंकज के पी श्रेयस्कर निर्विरोध रूप से सदस्य चुने गए हैं।
पंकज केपी श्रेयस्कर वर्तमान में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग) में डिप्टी डायरेक्टर जनरल (संयुक्त सचिव) के पद पर कार्यरत हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी यह नियुक्ति भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और वैश्विक शिक्षा-सांख्यिकी क्षेत्र में भारत की सक्रिय भूमिका को दर्शाती है।
यूआईएस का उद्देश्य और महत्व
यूनेस्को सांख्यिकी संस्थान (UIS) संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में शिक्षा, विज्ञान, संस्कृति और संचार से जुड़े विश्वसनीय और तुलनीय अंतरराष्ट्रीय आँकड़ों का प्रमुख स्रोत है।
1999 में स्थापित यह संस्थान विश्व भर के देशों के लिए नीतिगत उपयोग वाले डेटा उपलब्ध कराता है।
शासी बोर्ड का मुख्य दायित्व है—यूआईएस को रणनीतिक मार्गदर्शन देना।
वैश्विक निर्णय-निर्माण के लिए सटीक और नीति-प्रासंगिक आँकड़ों की उपलब्धता सुनिश्चित करना
नए संकेतकों, सांख्यिकीय तरीकों और मॉनिटरिंग टूल्स के विकास की दिशा तय करना
UIS अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए सतत विकास लक्ष्य 4 (SDG-4): शिक्षा 2030, विज्ञान, नवाचार, संस्कृति और संचार क्षेत्रों से जुड़े लक्ष्यों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके लिए यह विभिन्न देशों, विकास एजेंसियों, तकनीकी संस्थानों और नागरिक समाज संगठनों के साथ मिलकर काम करता है।
नव-निर्वाचित पाँच सदस्य
सम्मेलन में चुने गए पाँच सदस्य इस प्रकार हैं—
जाना स्ट्राकोवा (चेकिया)
गुस्तावो जुंगर दा सिल्वा (ब्राज़ील)
पंकज के पी श्रेयस्कर (भारत)
राकूटवाने सॉली एलेक्स मोलायी (दक्षिण अफ्रीका)
शैखा अब्दुल्ला मुफ़ीज़ (बहरीन)
पंकज श्रेयस्कर का चयन भारत की शिक्षा नीति, डेटा प्रबंधन और वैश्विक सांख्यिकीय सहयोग में बढ़ती विश्वसनीयता को दर्शाता है। यह नियुक्ति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की भूमिका को और मजबूत करेगी।
































