किशनगंज में उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल का स्वागत, कार्यकर्ताओं ने जेसीबी से की फूलों की वर्षा

  • अपराध मुक्त बिहार का मिशन शुरू, तेज़ कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल पर जोर
  • युवाओं का पलायन रोकना पहली प्राथमिकता, बिहार में उद्योगों का बड़ा रोडमैप तैयार
  • 38 जिलों का दौरा पूरा कर मंत्री बोले—फिर से NDA की सरकार बनाने का लक्ष्य सफल
  • 25 नवंबर की कैबिनेट बैठक में उद्योग विस्तार पर बड़ा फैसला होगा

न्यूज स्कैन ब्यूरो, किशनगंज

बिहार के नव नियुक्त उद्योग मंत्री सह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल मंत्रिमंडल गठन के बाद पहली बार शनिवार को किशनगंज पहुंचे। माता गुजरी मेडिकल कॉलेज परिसर में सैकड़ों भाजपा नेताओं-कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने जेसीबी मशीन से ऊपर से फूलों की वर्षा की तो ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर नाच-गाना हुआ। पूरा माहौल “भारत माता की जय”, “दिलीप जायसवाल जिंदाबाद” और “नरेंद्र मोदी जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा।

पत्रकारों से बातचीत में डॉ. जायसवाल ने कहा कि मंत्रिमंडल गठन के बाद महज 49 दिनों में उन्होंने 38 जिलों का दौरा किया। उनका एकमात्र उद्देश्य था कि कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद कर एक बार फिर NDA की सरकार बनाई जाए और इसमें वे सफल रहे।

अपराध मुक्त बिहार का मिशन शुरू

उद्योग मंत्री ने कहा, “शुक्रवार से ही बिहार को अपराध मुक्त बनाने का मिशन शुरू हो चुका है। NDA सरकार कानून का राज कायम करेगी। कोई गलत करेगा तो स्पीडी ट्रायल के जरिए उसे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”

युवाओं का पलायन रोकना पहली प्राथमिकता

डॉ. जायसवाल ने कहा कि उद्योग मंत्री के नाते उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि बिहार का युवा रोजगार की तलाश में पलायन न करे। उन्होंने कहा, “हमारी दो सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं – बिहार के युवाओं को रोजगार और कानून का राज। सभी को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है, इसलिए प्राइवेट सेक्टर में रोजगार के अवसर बढ़ाने का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।”

उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों व देशों से उद्योगपति बिहार में निवेश करें, इसके लिए लेबर विभाग ने कई नए कानून बनाए हैं। 25 नवंबर को बिहार कैबिनेट की पहली बैठक में उद्योगों का जाल बिछाने पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। उसी दिन भारत सरकार के साथ भी उद्योग विस्तार को लेकर अहम बैठक तय है।

इस मौके पर जिला अध्यक्ष सह पूर्व विधायक स्वीटी सिंह, पूर्व सांसद मोहम्मद असरारुल हक, बहादुरगंज विधायक तौसिफ आलम समेत सैकड़ों भाजपा नेता-कार्यकर्ता मौजूद रहे।