- स्वच्छता व धार्मिक मानकों की उड़ रही धज्जियां, प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग तेज
लवकुश सिंह बंटी, बिहपुर
बिहपुर बाजार, जो आसपास के कई पंचायतों का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, इन दिनों स्वच्छता और धार्मिक मर्यादा से जुड़े नियमों की गंभीर अनदेखी को लेकर विवादों के बीच है। बाजार के भीतर कई मीट और चिकन दुकानों द्वारा खुले में ही कटाई की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार ये सभी दुकानें बिहपुर इंजीनियरिंग दुर्गा मंदिर से लगभग सौ मीटर की दूरी के भीतर संचालित हैं, जिससे धार्मिक आस्था आहत हो रही है और कानूनी प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन हो रहा है।
सुबह से लेकर देर शाम तक सड़क किनारे मांस काटने से पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैल जाती है। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने बताया कि दुकानों से निकलने वाला खून और कचरा खुले में बहता रहता है, जिसके कारण मच्छरों–मक्खियों की भरमार हो गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। बारिश के दिनों में गंदगी और भी बढ़ जाती है, जिससे रास्ते पर फिसलन और बदबू असहनीय हो जाती है।
व्यापारियों का आरोप है कि बाजार में कई मीट दुकानें बिना लाइसेंस के चल रही हैं। नगर निकाय या प्रशासन की अनुमति के बिना खुले में संचालित हो रही ये दुकानें नियमों की अवहेलना कर रही हैं और बाजार की छवि को प्रभावित कर रही हैं। एक दुकानदार ने बताया कि कई बार शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
दुर्गा मंदिर के आसपास रहने वाले श्रद्धालुओं ने भी गहरी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल के पास स्वच्छ और शांत वातावरण होना चाहिए, लेकिन यहां खुले में मांस कटाई और फैल रही गंदगी से वातावरण दूषित हो चुका है। श्रद्धालुओं के अनुसार, प्रशासन को कई बार आवेदन देने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। लोगों की मांग है कि मंदिर के सौ मीटर दायरे में मांस कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि पशु वध और मांस बिक्री से जुड़े नियम स्पष्ट रूप से तय हैं—दुकानें ढंकी होनी चाहिए, कचरा निस्तारण की समुचित व्यवस्था हो और धार्मिक स्थलों से निर्धारित दूरी का पालन किया जाए। बावजूद इसके, बिहपुर बाजार में इन नियमों को खुलकर नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल धार्मिक संवेदनशीलता का नहीं, बल्कि पब्लिक हेल्थ से जुड़े गंभीर खतरे का भी है।
ग्रामीणों का कहना है कि बिहपुर बाजार कई गांवों का प्रमुख खरीदारी केंद्र है, इसलिए यहां स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। खुले में कटाई से संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है और बाजार का वातावरण बिगड़ रहा है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द बाजार का निरीक्षण करे, अवैध दुकानों को बंद कराए, लाइसेंस व्यवस्था लागू करे और धार्मिक स्थल के आसपास नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराए।
इस बीच, जीआरपीएफ प्रभारी सुदामा पासवान ने बताया कि इस मामले में आदेश के लिए अंचलाधिकारी से बात की जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बिहपुर रेल परिसर में अतिक्रमण कारियों को नोटिस जारी कर दिया गया है और 25 नवंबर को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

























