मदन, भागलपुर
बिहार में नीतीश कुमार ने गुरुवार को ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाते हुए दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पटना के गांधी मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। नीतीश के साथ कुल 26 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली, जिनमें तीन महिलाएं और एक मुस्लिम चेहरा शामिल है।
बीजेपी और जेडीयू का संतुलन
एनडीए की नई सरकार में इस बार बीजेपी और जेडीयू ने संतुलित हिस्सेदारी दिखाई है। बीजेपी से सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने मंत्री पद की शपथ ली। पिछली सरकार में ये दोनों उपमुख्यमंत्री थे। इसके अलावा बीजेपी से 13 अन्य विधायकों को भी मंत्री बनाया गया है।
जेडीयू से कुल आठ मंत्री शामिल हुए हैं, जिनमें वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार और अशोक चौधरी जैसे अनुभवी चेहरे शामिल हैं।
तीन महिला मंत्री, एक मुस्लिम प्रतिनिधित्व
कैबिनेट में तीन महिला चेहरे शामिल हुए हैं—जेडीयू की लेशी सिंह, और बीजेपी की रमा निषाद व श्रेयसी सिंह। एकमात्र मुस्लिम चेहरा मोहम्मद ज़मा ख़ान हैं जो जेडीयू से चैनपुर सीट के विधायक हैं।
एनडीए का प्रचंड बहुमत
243 सीटों में से 202 सीटों पर जीत के साथ एनडीए ने सत्ता में जोरदार वापसी की। बीजेपी ने 89 और जेडीयू ने 85 सीटें हासिल कीं। एलजेपी(आर) को 19, हम को 5 और आरएलएम को 4 सीटें मिलीं।
मुख्य चेहरे: कौन, कहां से और क्यों अहम
सम्राट चौधरी – बीजेपी का उभरता चेहरा
सिर्फ सात साल पहले बीजेपी में शामिल हुए सम्राट चौधरी प्रदेश अध्यक्ष से लेकर उपमुख्यमंत्री तक का सफर तय कर चुके हैं।

तारापुर से जीतकर आए सम्राट के पिता शकुनी चौधरी छह बार विधायक और सांसद रहे हैं। मां पार्वती देवी भी विधायिका रही हैं।
विजय कुमार सिन्हा – लगातार पांच बार के विधायक
लखीसराय से लगातार जीतने वाले विजय कुमार सिन्हा आरएसएस और एबीवीपी की पृष्ठभूमि से आते हैं। नीतीश सरकार में श्रम संसाधन मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और फिर उपमुख्यमंत्री रहे।

लेशी सिंह – सीमांचल की मजबूत महिला नेता
धमदाहा से लगातार दो बार भारी वोटों से जीत दर्ज करने वाली लेशी सिंह नीतीश कुमार की शुरुआती राजनीतिक टीम का हिस्सा रही हैं। महिला आयोग की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।
श्रेयसी सिंह – राजनीति में खेल जगत की चमक
कॉमनवेल्थ खेलों में देश को गोल्ड और सिल्वर दिलाने वाली श्रेयसी सिंह जमुई से दूसरी बार विधायक बनी हैं। वे पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की बेटी हैं।

मोहम्मद ज़मा ख़ान – अकेला मुस्लिम प्रतिनिधित्व
चैनपुर से जेडीयू विधायक ज़मा खान कैबिनेट में मुस्लिम समाज का अकेला चेहरा हैं। उन्होंने आरजेडी प्रत्याशी को हराकर चुनाव जीता था।
सबसे बड़ी चौंकाने वाली एंट्री – दीपक प्रकाश
आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। वे न तो विधायक हैं, न ही विधान परिषद के सदस्य। इसके बावजूद उन्हें आरएलएम कोटे से मंत्री बनाया गया। जबकि अनुमान लगाया जा रहा था कि कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा।

कैबिनेट में शामिल सभी मंत्री
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
सम्राट चौधरी
विजय कुमार सिन्हा
दिलीप जायसवाल
मंगल पांडे
रामकृपाल यादव
नीतिन नवीन
संजय सिंह टाइगर
अरुण शंकर प्रसाद
सुरेंद्र मेहता
नारायण प्रसाद
रमा निषाद
लखेंद्र सिंह रौशन
श्रेयसी सिंह
प्रमोद कुमार
जनता दल (यूनाइटेड) – जेडीयू
विजय कुमार चौधरी
बिजेंद्र प्रसाद यादव
श्रवण कुमार
अशोक चौधरी
लेशी सिंह
मदन सहनी
सुनील कुमार
मोहम्मद ज़मा ख़ान
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास)
संजय कुमार
संजय कुमार सिंह
हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम)
संतोष सुमन
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम)
दीपक प्रकाश
बिहार की नई कैबिनेट में अनुभवी नेताओं और नए चेहरों का मिश्रण दिखाई देता है। नीतीश कुमार की यह सरकार जातीय और क्षेत्रीय संतुलन को साथ लेकर चलने की रणनीति का संकेत देती है, जिसे एनडीए की अगली संभावित चुनौतियों की कसौटी पर परखा जाएगा।


























