पंडित नेहरू की जयंती पर मिल्लिया टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेजों में बाल दिवस उत्सव, बच्चों की शिक्षा पर दिया गया जोर

न्यूज स्कैन ब्यूरो, पूर्णिया
भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती एवं बाल दिवस पर रामबाग, पूर्णिया स्थित मिल्लिया सर सैयद प्राइमरी टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज और मिल्लिया कनिज फातिमा वुमेन्स टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में संयुक्त रूप से सादगीपूर्ण और उत्साहपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन मिल्लिया एजुकेशनल ट्रस्ट के निदेशक डॉ. असद इमाम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत पंडित नेहरू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान दोनों महाविद्यालयों के शिक्षक और छात्र-छात्राएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। वक्ताओं ने नेहरू जी की बच्चों के प्रति सोच और उनके शिक्षा संबंधी विचारों को याद करते हुए कहा कि बच्चे किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं और उनके समग्र विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी है।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. कंचन गुप्ता ने बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन बच्चों की जरूरतों, अधिकारों और उनके विकास को समझने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि नेहरू जी बच्चों को राष्ट्र की जिम्मेदारी और भविष्य के आधार स्तंभ के रूप में देखते थे, इसलिए शिक्षकों का दायित्व है कि वे बच्चों को सुरक्षित, प्रेरक और प्रेमपूर्ण वातावरण प्रदान करें।


कार्यक्रम में दोनों संस्थानों के शिक्षकगण,डॉ. स्मृति अमृता, डॉ. अक्षय शर्मा, मृत्युञ्जय कुमार, ललित कुमार झा, गुडेश कुमार, मुकेश कुमार, माविया सामी, शालिनी शालूजा, कुमारी सिम्मी सिंह, अबू बकर, अंगद कुमार, प्रमोद कुमार, गौतम कुमार, संदीप कुमार, अनमोल कुमार झा, नीरज कुमार मिश्रा, शिशिर कुमार, गोविंद कुमार, संजीत कुमार, महेंद्र जी और अरुण कुमार उपस्थित रहे।
संयुक्त समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण और बाल-केंद्रित गतिविधियों का आयोजन किया गया। प्री-सेवा शिक्षकों ने विभिन्न प्रस्तुतियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य नेहरू जी के आदर्शों को याद करते हुए बच्चों के महत्व, शिक्षा की भूमिका और भावी शिक्षकों में बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, प्रेम और जिम्मेदारी की भावना का विकास करना था।