बिहार विधानसभा चुनाव 2025 : नतीजों का काउंटडाउन शुरू, कल सुबह 8 बजे से होगी मतगणना- एनडीए और महागठबंधन दोनों खेमों ने किया जीत का दावा

मदन, भागलपुर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों का इंतज़ार अब बस कुछ घंटों का रह गया है। राज्य में दो चरणों में हुए इस चुनाव में रिकॉर्ड मतदान हुआ। पहले चरण में 121 सीटों पर 65.08 प्रतिशत और दूसरे चरण में 69.20 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतगणना गुरुवार सुबह 8 बजे से शुरू होगी। इसके साथ ही 243 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला ईवीएम के बटन से खुलेगा।
एग्जिट पोल्स में एनडीए को बढ़त, महागठबंधन ने उठाए सवाल
चुनाव के बाद आए तमाम सर्वे एजेंसियों के एग्जिट पोल्स में एनडीए को स्पष्ट बहुमत मिलने का अनुमान जताया गया है। लगभग एक दर्जन एजेंसियों के पोल्स में एनडीए को 140 से 170 सीटें, महागठबंधन को 60 से 112 सीटें, जबकि जनसुराज पार्टी को 0 से 5 सीटों तक मिलने का अनुमान है।
‘पोल ऑफ पोल्स’ के मुताबिक एनडीए 140 से 150 सीटों के बीच बहुमत हासिल कर सरकार बनाते दिख रहा है, जबकि महागठबंधन को 85 से 95 सीटें मिल सकती हैं।
हालांकि, महागठबंधन ने एग्जिट पोल्स को ‘जनता के फैसले से पहले की मनगढ़ंत कहानी’ बताया है और दावा किया है कि असली नतीजे 2020 की तरह सभी अनुमानों को ध्वस्त कर देंगे।
एनडीए के दिग्गजों की किस्मत कल खुलेगी
कल का दिन बिहार की कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों के लिए निर्णायक साबित होने वाला है। एनडीए खेमे से उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा, राज्य सरकार के कई मंत्री — विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, मंगल पांडेय, मदन सहनी, नितिन नबीन, महेश्वर हजारी, सुनील कुमार, रत्नेश सदा, संजय सरावगी, कृष्ण कुमार मंटू, जिवेश कुमार, राजू कुमार सिंह समेत कई नेताओं की सियासी किस्मत का फैसला होगा।
इसके अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी और तारकिशोर प्रसाद, RLM नेता उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेह लता, और HAM प्रमुख जीतन राम मांझी की बहू दीपा कुमारी भी मैदान में हैं।
महागठबंधन के दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार तेजस्वी यादव समेत कई वरिष्ठ नेताओं का भविष्य भी कल तय होगा। इनमें अवध बिहारी चौधरी, डॉ. रामानंद यादव, वीणा देवी, ललित यादव, रेणु कुशवाहा, भाई वीरेन्द्र, आलोक मेहता, उदय नारायण चौधरी, जयप्रकाश नारायण यादव, शकील अहमद खान, बीमा भारती, अजीत शर्मा, पूर्णिमा यादव जैसे नाम प्रमुख हैं।
इसके साथ ही पहली बार मैदान में उतरे चेहरे — तेज प्रताप यादव, आईपी गुप्ता, शिवदीप लांडे, आनंद मिश्रा, आर.के. मिश्रा और जयप्रकाश सिंह जैसे प्रत्याशी भी सुर्खियों में हैं।
AIMIM की साख भी दांव पर
असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान की प्रतिष्ठा भी इस चुनाव में दांव पर लगी है। सीमांचल क्षेत्र में पार्टी की पकड़ इस बार कितनी बरकरार रहती है, यह नतीजे ही बताएंगे।
कल तय होगी बिहार की सियासी दिशा
दोनों खेमों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। एनडीए नेताओं को भरोसा है कि जनता ने विकास और स्थिरता के नाम पर वोट दिया है, वहीं महागठबंधन का कहना है कि जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है।
अब सबकी निगाहें कल सुबह 8 बजे से शुरू होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि बिहार की सत्ता की कुर्सी पर कौन बैठेगा — एनडीए या महागठबंधन?