पोस्टर पॉलिटिक्स से कहलगांव में सियासी महायुद्ध!आरजेडी के भावी प्रत्याशी रजनीश यादव पर सीधा वार, करीब 60 पोस्टर फाड़े गए, सीसीटीवी में कैद ‘उत्पाती गिरोह’

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर

कहलगांव की सियासत अब पोस्टरबाज़ी से निकलकर पोस्टर-फाड़ युद्ध में तब्दील हो चुकी है। बीती रात जिस तरह आरजेडी के भावी प्रत्याशी रजनीश यादव के पोस्टर और होर्डिंग्स पर हमला हुआ, उससे साफ है कि चुनावी जंग अब आर-पार की होने वाली है।

इस हमले के निशाने पर हैं झारखंड सरकार में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा उद्योग विभाग के मंत्री और गोड्डा से आरजेडी विधायक संजय प्रसाद यादव के पुत्र रजनीश यादव, जो कहलगांव विधानसभा क्षेत्र से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी में पिछले दो माह से अपने समर्थकों के साथ सक्रिय हैं।

मंत्री संजय यादव ने कहा – “यह उत्पात बर्दाश्त के काबिल नहीं है। यह चरित्र आरजेडी कार्यकर्ताओं का हो ही नहीं सकता।

बेशक, ऐसे असामाजिक तत्व मानसिक रूप से बीमार, उद्दंड और उत्पाती हैं, जिन्हें माफ नहीं किया जा सकता। यह शिकायत आरजेडी सुप्रीमो तेजस्वी यादव तक पहुंचा दी गई है। थाना में मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है।”

60 से अधिक पोस्टर फाड़े गए – CCTV में कैद चेहरे

रजनीश यादव ने बताया कि लगभग 60 से अधिक पोस्टर और होर्डिंग्स फाड़े गए, वह भी नगर परिषद क्षेत्र कहलगांव से लेकर आसपास के गांवों तक।

हैरानी की बात यह है कि इस पूरे ऑपरेशन का मुख्य चेहरा सहित तीन युवकों के चेहरे CCTV फुटेज में साफ-साफ कैद हो चुके हैं, जबकि इस उत्पात में कुल छह चेहरे शामिल बताए जा रहे हैं।

सीधा निशाना – रजनीश यादव

कहलगांव से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे रजनीश यादव ने कहा कि “यह हमला सिर्फ पोस्टरों पर नहीं, हमारे विचार और जनसमर्थन पर है। CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि आरजेडी नेता सह ठेकेदार सुभाष यादव का बेटा पीकू यादव, अपने पांच-छह साथियों के साथ दो चारपहिया वाहनों पर सवार होकर बीती रात इस घटना को अंजाम दे रहा है। इनमें से तीन चेहरे स्पष्ट रूप से पहचाने जा सकते हैं। हमने सबूत के साथ शिकायत तेजस्वी यादव, कहलगांव थाना और भागलपुर SSP को सौंप रहे हैं। कहलगांव थाना में मामला दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है।”

सियासी टेंशन हाई!
कहलगांव विधानसभा क्षेत्र में टिकट की दावेदारी को लेकर आरजेडी के भीतर ही घमासान मचा हुआ है। जहां रजनीश यादव पूरे दमखम से गांव-गांव, घर-घर प्रचार में लगे हैं, वहीं सुभाष यादव जैसे नेता भी अपनी सियासी ज़मीन मजबूत करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। ये खुद को आरजेडी के भावी चेहरे के रूप में पेश करने की होड़ में हैं।

पोस्टर फाड़ कांड – अब सिर्फ शरारत नहीं, साजिश लग रही है! CCTV फुटेज ने सियासत के चेहरे से नकाब हटा दिया है। अब सवाल उठता है कि क्या यह केवल आपसी रंजिश है? या कहलगांव में आरजेडी के भीतर चल रही ‘साइलेंट वॉर’ का विस्फोट? क्या कहलगांव की राजनीति का स्तर अब पोस्टर फाड़ तक गिर चुका है? या फिर यह टिकट के लिए बौखलाहट का संकेत है?