न्यूज स्कैन ब्यूरो, सुपौल
जिला मुख्यालय स्थित बबुजन विशेश्वर बालिका उच्च माध्यमिक (+2) विद्यालय, सुपौल के विशिष्ट शिक्षक डा. रणधीर कुमार राणा ने बताया की आई सी टी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग करके कक्षा में तकनीकी संसाधनों का नवीनीकरण और उपयोग करने से शिक्षा को अधिक प्रभावी और रोचक बनाकर छात्राओं को पढ़ाने से शिक्षण कौशल जायदे प्रभावी होता है। डा. राणा के द्वारा यहां कुछ तरीके बताये गये हैं जो जिसके तहत उनके द्वारा आई सी टी का उपयोग कक्षा में किया जाता है:
डिजिटल सामग्री का निर्माण आई सी टी का उपयोग करके डिजिटल सामग्री जैसे कि वीडियो, ऑडियो, और इंटरैक्टिव सामग्री का निर्माण मेरे द्वारा किया जा रहा है जिससे छात्राओं को पढ़ने और समझने में काफ़ी सहोलियत होती है।
ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग ऑनलाइन संसाधनों जैसे कि ई-बुक्स, वीडियो, और ऑडियो का उपयोग करके छात्राओं को आकर्षित किया जा रहा है ताकि उनका शिक्षण अधिगम सफल और सार्थक हो।
वर्चुअल कक्षाएं
वर्चुअल कक्षाओं के माध्यम से छात्रों को दूरस्थ शिक्षा प्रदान की जा रही है। इससे छुट्टी के दिन में घर बैठे छात्राओं को शिक्षण कौशल का लाभ मिल जाता है। वह बिना समय गवाएँ अपनी होम वर्क/कोर्स/विषय को तैयार करने में सक्षम होती है।
प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर
प्रेजेंटेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग करके डा रणधीर कुमार राणा अपने पाठों को अधिक रोचक और समझने योग्य बना रहे हैं, जिससे छात्राओं को अपने विषय को तैयार करने और उसे समझने में काफ़ी मदद मिलती है।
एनइपी के तहत आईसीटी का उपयोग करके सामग्री बनाना
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी) 2020 के तहत आई सी टी का उपयोग करके सामग्री बनाने के लिए कुछ सुझाव हैं:
डिजिटल शिक्षा सामग्री
: एनइपी के तहत डिजिटल शिक्षा सामग्री का निर्माण करना एक महत्वपूर्ण पहलू है, जिसका उपयोग छात्राओं के शिक्षण में सकरात्मक वदलाव देखने को मिल रहा है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन सामग्री
ऑनलाइन और ऑफलाइन सामग्री का निर्माण करके छात्रों को विभिन्न तरीकों से सीखने का अवसर प्रदान किया जा रहा है, जिससे छात्राएँ अपने अपने कोर्स को समय पर पूरा करते है। इससे उनका समय में बचत होता है।
इंटरैक्टिव सामग्री
इंटरैक्टिव सामग्री का निर्माण करके छात्राओं को अधिक आकर्षित किया जा रहा है और उनकी सीखने की गति बढ़ाई जा रही है। जिससे उनका शिक्षण और अध्ययन आनंदपूर्ण बनता है।
स्थानीय भाषा में सामग्री
स्थानीय भाषा में सामग्री का निर्माण करके छात्राओं को अपनी मातृभाषा में सीखने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। जो अनोखा पहल सावित हो रहा है।
आई सी टी के लाभ
सीखने की गति बढ़ती है
आई सी टी का उपयोग करके छात्राओं में सीखने की गति बढ़ती है। यह प्रयास सरहानीय कदम है।
शिक्षा अधिक रोचक होती है
आई सी टी का उपयोग करके शिक्षा अधिक रोचक और आकर्षक हो रहा है। छात्राएँ इस विधि को अपना कर बिना किसी दवाव का शिक्षा ग्रहण करती है।
-छात्राओं की भागीदारी बढ़ती है
आई सी टी का उपयोग करके छात्रों की भागीदारी बढ़ रही है और वे अधिक सक्रिय हो रहे हैं।


























