राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के पूर्व संध्या पर भागलपुर में आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार

न्यूज स्कैन रिपाेर्टर, भागलपुर
राष्ट्रीय पोषण सप्ताह (1–7 सितंबर) के उपलक्ष्य में रविवार को सराय स्थित सफाली संस्थान में एनएसआई भागलपुर चैप्टर और तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के पीजी होम साइंस विभाग फूड एंड न्यूट्रीशन के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया।

सेमिनार का उद्घाटन जेपी विश्वविद्यालय छपरा के पूर्व कुलपति व एनएसआई भागलपुर चैप्टर के कन्वेनर प्रो. फारूक अली, टीएमबीयू के पीआरओ डॉ. दीपक कुमार दिनकर, डॉ. एमएम खान और अधिवक्ता सलीममूर रहमान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सेमिनार हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया।
सेमिनार की अध्यक्षता पीजी होम साइंस विभाग की हेड डॉ. शेफाली ने की। मंच संचालन आयोजन सचिव गुलफ्शा परवीन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रेणु रानी जायसवाल ने प्रस्तुत किया।

की-नोट स्पीकर्स में शामिल थे: बीएनएमयू मधेपुरा के मनोविज्ञान विभाग के प्रो. डॉ. एमआई रहमान, डॉ. सरफराज अहमद और टीएमबीयू के पीआरओ डॉ. दीपक कुमार दिनकर।

प्रो. फारूक अली ने पीपीटी के माध्यम से व्याख्यान देते हुए कहा कि पोषण शिक्षा, पोषण अभियान, संतुलित भोजन, ICDS और मिड-डे मील कार्यक्रमों के माध्यम से सुधार संभव है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों के माध्यम से पोषण पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। साथ ही लोकल फूड सिस्टम, रिसर्च और इनोवेशन के माध्यम से पोषण समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।

उन्होंने फूड डाइवर्सिटी को बढ़ावा देने पर जोर दिया और बताया कि आज भारत में 15–49 वर्ष की 40% महिलाओं और बालिकाओं को एनीमिया है, जबकि पुरुषों में यह दर 18% है। वहीं, ओवरवेट और अंडरवेट दोनों समस्याएँ देश में एक साथ देखी जा रही हैं।

डॉ. दीपक कुमार दिनकर ने अपने संबोधन में कहा कि देश में गरीबी, भुखमरी, बेरोजगारी और कुपोषण जैसी समस्याएँ गंभीर हैं। उन्होंने स्थानीय, पोषणयुक्त अनाज जैसे मखाना, मरुआ, खेरी, मक्का, चना, बाजरा का अधिक उपयोग करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने राइट टू हेल्थ और राइट टू न्यूट्रीशन को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया और कहा कि स्वस्थ भारत ही विकसित भारत का आधार है।

पीजी होम साइंस विभाग की हेड डॉ. शेफाली ने स्थानीय उपलब्ध पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों के सेवन को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। बीएनएमयू के डॉ. एमआई रहमान ने पोषण और संतुलित आहार के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर जानकारी दी।
सफाली संस्थान की बाल मंडली ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। अतिथियों का स्वागत बुके और अंगवस्त्र भेंट कर किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. शाहिदा खानम, डॉ. अंजू सिंह, कल्पना कुमारी, सोनाक्षी कुमारी, काजल कुमारी, रूपा कुमारी, बिजयालक्ष्मी कुमारी, अर्चना कुमारी, बबीता कुमारी, राहुल कुमार, नितेश कुमार, प्रीति कुमारी, डेविड कुमार, रीना कुमारी, महबूब आलम सहित कई शोधार्थियों ने भाग लिया। सेमिनार में ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में दर्जनों प्रतिभागियों ने पेपर प्रेजेंटेशन दिए। सभी प्रतिभागियों को ई-सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।