किशनगंज में बड़े उद्योगपति दफ़्तरी ग्रुप के ठिकानों पर केंद्रीय एजेंसी की छापेमारी, भारी पुलिस बल तैनात

न्यूज स्कैन ब्यूरो,किशनगंज

किशनगंज शहर में शुक्रवार को केंद्रीय जांच एजेंसी ने एक बड़े उद्योगपति और प्रतिष्ठित कारोबारी दफ़्तरी ग्रुप के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की, जिससे शहर में हड़कंप मच गया। यह कार्रवाई नेमचंद रोड, भगत टोली, धर्मशाला रोड और पश्चिमपाली जैसे रिहायशी इलाकों में कारोबारी के प्रमुख ठिकानों पर की जा रही है। किशनगंज की सड़कों पर 109 गाड़ियों का काफिला दौड़ा और देखते ही देखते जिले का सबसे बड़ा कारोबारी समूह एजेंसियों की गिरफ्त में आ गया।

आयकर विभाग और केंद्रीय एजेंसियों की करीब 200 से अधिक अफसरों की संयुक्त कार्रवाई, 24 से ज्यादा ठिकानों पर रेड जारी। छापेमारी दफ़्तरी ग्रुप के चाय बागानों, फैक्ट्रियों, शोरूम और निर्माण कंपनियों सहित कई प्रतिष्ठानों पर की जा रही है. इस अचानक हुई कार्रवाई से कारोबारी जगत में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, यह छापेमारी आर्थिक अनियमितताओं और कथित काले धन से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में हो रही है। छापेमारी की शुरुआत सुबह तड़के हुई, जब केंद्रीय एजेंसी की टीमें भारी पुलिस बल के साथ उद्योगपति के आवास और कार्यालयों पर पहुंची। स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है, ताकि कार्रवाई में किसी तरह की बाधा न आए।

बताया जा रहा है कि एजेंसी को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूतों की तलाश है, जो कथित तौर पर अवैध वित्तीय लेनदेन से संबंधित हो सकते हैं। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण रहा। कुछ मीडिया कर्मियों ने घटनास्थल पर वीडियो बनाने की कोशिश की, लेकिन उनकी फुटेज को पुलिस और एजेंसी के अधिकारियों द्वारा डिलीट करा दिया गया। स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कई लोग इसे बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का हिस्सा मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं। वही प्रमुख ठेकेदार जाहिदुर उर्फ लादेन के पंजीपड़ा स्थित आवास पर भी रेड चल रही है।सभी जगहों पर भारी सुरक्षा बल तैनात हैं, जिनमें महिला सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों की भी तैनाती की गई है।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

हालांकि, अभी तक केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। यह कार्रवाई देर रात तक चलने की संभावना है।किशनगंज में इस तरह की बड़ी छापेमारी ने न केवल स्थानीय कारोबारी समुदाय को हिलाकर रख दिया है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। वही किशनगंज के इतिहास की सबसे बड़ी छापेमारी माना जा रहा है। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।