- बुधवार सुबह 11 बजे भागलपुर पहुंचेंगे, करीब घंटेभर का है प्रस्तावित कार्यक्रम
न्यूज़ स्कैन रिपोर्टर, भागलपुर
सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को भागलपुर आएंगे। यहाँ बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे। इसके साथ ही बाढ़ को लेकर अब तक की स्थिति और तैयारी की समीक्षा के लिए बैठक भी करेंगे। बुधवार की सुबह 11 बजे तक हेलीकाप्टर से भागलपुर आएंगे। इसके साथ ही राहत शिविरों का निरीक्षण करने जायेंगे। वहां बाढ़ पीड़ितों से बात भी करेंगे। साथ ही सम्भावना जताई जा रही है की सीएम बांध का निरीक्षण करने भी जा सकते हैं। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारी तेज कर दी गयी है। सोमवार की देर रात और मंगलवार की सुबह को डीएम नवल किशोर चौधरी समेत पूरा महकमा ने बांध समेत अन्य इलाकों का निरीक्षण किया। जानकारी के मुताबिक, पहले सीएम का प्रोग्राम हवाई सर्वेक्षण का था और मंगलवार को ही होना था। लेकिन अब बुधवार को सीएम यहाँ आएंगे।


बता दें की सीएम के आगमन को लेकर बरारी पॉलीटेक्निक कॉलेज परिसर में संचालित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण डीएम नवल किशोर चौधरी, डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह, सदर एसडीओ विकास कुमार, एसडीपो अजय कुमार ने किया। साथ ही सीएम के आगमन को लेकर बैरिकेडिंग, रूट लाइन, बल प्रतिनियुक्ति को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था समेत बाकी तैयारी बरारी थाने के स्तर से की जा रही है।
जिले के 9 अंचल बाढ़ प्रभावित, 141 सामुदायिक किचन चलाए जा रहे
भागलपुर जिले के 6 अंचल नारायणपुर, रंगरा चौक, सुल्तानगंज, शाहकुंड नाथनगर और सबौर प्रभावित है। जबकि जगदीशपुर, कहलगांव और पीरपैंती भी आंशिक रूप से प्रभावित है। इन प्रखंडों में 141 सामुदायिक किचन चलाए जा रहे हैं। जिनमें नाथनगर में 38, सुल्तानगंज में 34, सबौर में 25, शाहकुंड में 20, रंगरा चौक में 6, इस्माइलपुर में 6, जगदीशपुर, कहलगांव और पीरपैंती में 2 – 2 सामुदायिक किचन चलाया जा रहा है।

प्रशासन का दावा- आवागमन की सुविधा के लिए 69 नाव चलायी जा रही
प्रशासन का दावा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा के लिए 69 नाव का परिचालन कराया जा रहा है। अब तक 6325 परिवारों के बीच पॉलीथिन शीट का वितरण कराया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से 8252 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इसके लिए एनडीआरएफ की टीम एवं एसडीआरएफ की टीम लगाई है। नवगछिया में 02, सबौर एवं कहलगांव में 01- 01, कुल 4 एनडीआरएफ की टीम तथा सुल्तानगंज में 02 नाथनगर में 02 एवं शाहकुंड में 01, कुल 5 एसडीआरएफ की टीम लगाई गई है। साथ ही सभी बाढ़ राहत शिविर में अस्थाई शौचालय, चिकित्सा शिविर, पानी टैंकर, चापाकल, पशु चारा ,पशु चिकित्सा शिविर के साथ साफ सफाई एवं प्रकाश की व्यवस्था की गई है। सभी शिविर के लिए अलग-अलग नोडल पदाधिकारी बनाए गए हैं। तटबंधों की सुरक्षा हेतु बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल नवगछिया व् भागलपुर द्वारा लगातार बाढ़ निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है।
जिले के तीनों अनुमंडल के ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा अपनी सड़कों की निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी द्वारा सुबह शाम बाढ़ की स्थिति एवं रहत कार्य की निगरानी की जा रही है।
खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर बह रही गंगा
जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर आदित्य प्रकाश ने बताया कि अभी भागलपुर में गंगा का जलस्तर 34 .59 मीटर है। यहाँ खतरे के निशान से करीब एक मीटर अधिक है। खतरे का निशान 33 . 68 मीटर है। हालाँकि अब जलस्तर घटने की सम्भावना जताई जा रही है। बता दें कि अगर जलस्तर घटने लगा तो पानी उतरने में 7 से 10 दिन लगने की सम्भावना है।


























