न्यूज स्कैन ब्यूरो, मुंगेर
मुंगेर पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खड़गपुर प्रखंड के गंगटा थाना क्षेत्र स्थित पोकड़ी बहियार, गोढ़िया नदी किनारे छह मिनी गन फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है। इस छापेमारी में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मौके से तीन अन्य आरोपी फरार हो गए।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में निर्मित और अर्धनिर्मित हथियार, कारतूस और हथियार निर्माण में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार ये सभी फैक्ट्रियाँ बीते डेढ़ महीने से गुप्त रूप से संचालित की जा रही थीं और निर्मित हथियारों को आस-पास के इलाकों में बेचा जा रहा था।
बरामद हथियार और सामग्री में शामिल हैं:
तीन देशी कट्टा, तीन अर्धनिर्मित कट्टा, एक अर्धनिर्मित रायफल, चार अर्धनिर्मित बैरल, अठारह अर्धनिर्मित ट्रिगर, सात जिंदा कारतूस, दो खोखा, तीन मैगजीन, एक ड्रिल मशीन, तीन मोबाइल फोन, तथा हथियार निर्माण के अन्य उपकरण।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पोकड़ी गांव निवासी बबलू प्रसाद सिंह उर्फ बबलू मंडल और राजेंद्र प्रसाद सिंह के रूप में हुई है। मुख्य आरोपी बबलू प्रसाद पूर्व में भी अवैध गन फैक्ट्री संचालन के मामले में जेल जा चुका है और करीब डेढ़ माह पूर्व ही जेल से छूटकर बाहर आया था।
पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि गंगटा थानाध्यक्ष राहुल कुमार को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि गोढ़िया नदी के पास कुछ लोग अवैध हथियार निर्माण में लिप्त हैं। इस सूचना के आलोक में खड़गपुर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित कर छापेमारी की गई।
एसपी के अनुसार, पुलिस के पहुंचने पर तीन लोग मौके से फरार हो गए, जिनकी पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। वहीं, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश में जुट गई है।
एसपी मसूद ने बताया कि यह गिरोह गुप्त तरीके से अवैध हथियार बनाकर आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई करता था। सभी आरोपी एक ही गांव के निवासी हैं और लंबे समय से अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं।


























