कैमूर में पहाड़ी पानी से तबाही, रामपुर प्रखंड में बाढ़ जैसे हालात

  • 150 से ज्यादा किसानों की फसल डूबी, खेत-खलिहान सब जलमग्न

न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर

जिले के रामपुर प्रखंड अंतर्गत पांडेयपुर, झाली और आस-पास के गांवों में पहाड़ी पानी से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी क्षेत्र से बहकर आ रहे पानी के कारण इन गांवों में जलजमाव की स्थिति बन गई है, जिससे 150 से 200 किसानों की धान की फसलें पूरी तरह से डूब गई हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि हर साल बारिश के समय पहाड़ी पानी गांव की ओर आता है और फसलों को भारी नुकसान होता है। गांव के मनोज प्रसाद और बाबूलाल बिंद ने बताया कि बारिश का पानी गांव की सड़कों और खेतों में भर गया है, और अब तक पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अगर जल्द ही पानी की निकासी नहीं हुई तो सारी फसल बर्बाद हो जाएगी।

स्थिति इतनी गंभीर है कि कई ग्रामीणों के घरों में भी पानी घुस गया है। गांव की संगीता देवी ने बताया कि बारिश के कारण उनका मिट्टी का घर गिर गया है, जिससे परिवार सड़क पर आ गया है।

ग्रामीणों ने बताया कि जल निकासी के लिए जो नाले बने थे, उन पर लोगों ने अतिक्रमण कर दिया है। जिससे अब पानी का बहाव रुक गया है और गांव के अंदर ही फैल रहा है। पांडेयपुर से मझिआंव जाने वाली सड़क भी पानी में डूबी हुई है, और लोग घुटनों तक पानी में होकर आवागमन कर रहे हैं। ईंट से बनी सड़कें भी उखड़ने लगी हैं।

किसानों का कहना है कि यह वह समय होता है जब खेतों में रोपनी होती है। एक बार फसल डूब गई तो दोबारा रोपनी कर पाना मुश्किल हो जाता है क्योंकि न तो समय रहता है और न ही बीज उपलब्ध होता है। कैमूर के किसान पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं, और फसल बर्बादी से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

बाबूलाल प्रसाद (किसान): “हर साल यही होता है, कोई सुनवाई नहीं होती। अबकी बार पूरा धान का फसल डूब गया।”

मनोज बिंद (किसान): “नाला बंद हो गया है, पानी निकल नहीं रहा है। जल्दी निकासी नहीं हुई तो खेत बेकार हो जाएगा।”

संगीता देवी (किसान): “मिट्टी का घर गिर गया, अब कहां जाएं? खेती भी बर्बाद, घर भी नहीं बचा।”

ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि किसानों की मेहनत और आजीविका को बचाया जा सके।