कैमूर में जहरीले पौधे का बीज खाने से 8 बच्चों की बिगड़ी तबीयत

न्यूज स्कैन ब्यूरो, कैमूर

कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मधुरना गांव में मंगलवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जहरीले पौधे का बीज खाने से एक के बाद एक आठ बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। सभी बच्चों को उल्टी, कमजोरी और बेचैनी की शिकायत के बाद इलाज के लिए आनन-फानन में भभुआ सदर अस्पताल लाया गया, जहां सभी का इलाज जारी है। समय पर उपचार मिलने से सभी बच्चे अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 11:30 बजे गांव के कई बच्चे एक साथ खेल रहे थे। खेलते-खेलते वे गांव के पूरब दिशा में स्थित पोखरा की ओर चले गए। वहीं बच्चों ने डीजल (अरंडी) के पौधे के बीज को बादाम समझकर खा लिया और घर लौट आए। करीब दो घंटे बाद एक-एक कर सभी बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी और उल्टी शुरू हो गई। बच्चों की हालत बिगड़ते देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में हड़कंप की स्थिति बन गई।
परिजनों ने सभी बच्चों को पहले चैनपुर पीएचसी पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद सभी बच्चों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सदर अस्पताल में इलाज करा रहे बच्चों के परिजन सोमरू कुमार ने बताया कि बच्चों ने अनजाने में जहरीले पौधे का बीज खा लिया था, जिसकी वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई। बच्चों से पूछताछ में भी उन्होंने बीज खाने की बात स्वीकार की।
वहीं भभुआ सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. त्रिभुवन ने बताया कि मधुरना गांव से आठ बच्चों को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। परिजनों के अनुसार सभी बच्चे आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले हैं और उन्होंने डीजल (अरंडी) के पौधे का बीज खा लिया था। डॉक्टर ने बताया कि त्वरित उपचार के कारण सभी बच्चों की हालत में सुधार है और वे खतरे से बाहर हैं।
बीमार बच्चों में मधुरना गांव निवासी लुटन राम की 8 वर्षीय पुत्री खुशी कुमारी, पिंटू राम की 4 वर्षीय पुत्री लाडो कुमारी एवं 7 वर्षीय पुत्री ट्विंकल कुमारी, प्रविण कुमार का 8 वर्षीय पुत्र अरुण कुमार, दुलारचंद राम का पुत्र अभिषेक कुमार, तथा सोमरू कुमार के पुत्र कृष कुमार और आशीर्वाद कुमार शामिल हैं।
घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को खुले स्थानों पर उगे अनजान पौधों और उनके बीजों से दूर रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।